पुलिस की सरपरस्ती में फल-फूल रहा नशे का काला कारोबार

Published Date 2017/03/23 22:24, Written by- FirstIndia Correspondent

पुष्कर। धार्मिक नगरी पुष्कर में पुलिस की मिलीभगत के चलते एक बार फिर नशे का काला कारोबार जमकर फल फूल रहा है। नशे के सौदागरों के हौसले किस कदर बुलंद है, इस बात का अंदाजा पुष्कर के मेला स्टेडियम में बैखोफ चल रहे नशे के कारोबार से आसानी से लगाया जा सकता है। जिस प्रशासनिक कैम्प से पुष्कर मेले की व्यवस्थाओं को प्रशासन और पुलिस अंजाम देते हैं, उसी मेला मैदान के परिसर में नशे की यह फसल जमकर लहरा रही है।


मेले के दौरान जहां सारे आला अधिकारी बैठते हैं, उन कमरों से जो सच्चाई सामने आई उसे देखकर कोई भी हैरान हो सकता है। नशे की लत में जकड़े दो नशेड़ियों पर जब कैमरा चला तो वे भागते नजर आये, लेकिन जब उन्हें उनकी पहचान छिपाने का भरोसा दिलाया गया तो उन्होंने खुद पूरी सच्चाई को बयां कर दिया। उन्होंने बताया की वे सालों से पास में ही बनी सोनू टेलर की झोपड़ी से स्मैक खरीदते हैं और बंद कमरों में नशा करते हैं।


साथ ही उन्होंने इस बात का भी खुलासा किया कि रोजाना सैकड़ों आदतन नशेड़ी 3 सौ रुपये में स्मैक की एक खुराक खरीदते हैं। मेला मैदान के अस्थाई प्रशासनिक कैम्प सहित रंगमंच के अंदर जितनी नशे के उपयोग में ली जाने वाली सामग्री बिखरी मिली, उससे साफ़ हो गया कि नशेड़ियों ने सालों से इस महत्वपूर्ण सार्वजानिक स्थल को नशे का केंद्र बिंदु बना रखा था।


हालांकि मेला स्टेडियम में चल रहे नशे के काले कारोबार पर लगाम लगाने में पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन कुछ दोष पशुपालन विभाग का भी है। पशुपालन विभाग के अधीन आने वाले मेला ग्राउंड परिसर में इन असामाजिक तत्वों को रोकने के लिये कोई इंतजाम नहीं किये गए है। हमने पहले भी इस सामजिक बुराई के प्रति प्रशासन और पुलिस का ध्यान आकर्षित किया था, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई।

 

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