Granddaughter played by Last Rites of her grandmother

नातिन ने निभाई नानी के अंतिम संस्कार की रस्में

Published Date-05-Jan-2017 02:29:47 PM,Updated Date-05-Jan-2017, Written by- FirstIndia Correspondent

पुष्कर। कहते हैं आज बेटी किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं है। आज की बेटी न केवल खुद को मजबूत कर रही है, बल्कि उन दायित्वों का निर्वहन भी कर रही है, जो हमेशा से बेटे ही करते आए हैं। आज के समय में बेटियां अपने पिता को कन्धा भी देती है और उनका अंतिम संस्कार भी कर रही है। धार्मिक नगरी पुष्कर में भी आज एक बेटी का एक अलग ही रूप देखने को मिला।


आज तक पुष्कर सरोवर में अस्थियां बेटे ही विसर्जित करते आये हैं, लेकिन बुधवार को अपनी नानी गुलाब देवी कोठारी की अस्थियां उनकी नातिन शिंटल जैन ने विसर्जित की। जयपुर में चौमू हाउस की रहने वाली तीस वर्षीय शिंटल जैन बचपन से ही अपनी नानी के पास ही रहती थी।


सिंटल का कहना है की उनकी नानी गुलाब देवी की इच्छा थी कि उनकी मृत्यु होने के बाद अंतिम संस्कार की सभी रस्में सिंटल के हाथों से ही की जाए और उनकी इच्छा के अनुसार ही वो ये सब कर रही है। सिंटल ने बताया कि गुलाब देवी कोठारी के एक पुत्र भी है, लेकिन फिर भी उन्होंने ही अंतिम संस्कार सहित सभी रस्में पूरी की।


सिंटल ने बताया कि वो अपनी नानी के साथ पिछले 23 सालों से अकेली रह रही थी। पुष्कर में नानी की अस्थियां विसर्जित करने आई सिंटल के साथ उनके पति नितेश जैन भी थे। पुष्कर सरोवर के ब्रह्म घाट पर पंडित कमल पाराशर ने सिंटल के हाथों से उनकी नानी गुलाब देवी की अस्थियां विसर्जित करवाई।

 

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