Running away from the police but the darkness pushed into the well

पुलिस से बचकर भाग रहा था, लेकिन अंधेरे ने कुएं में धकेला

Published Date-20-Apr-2017 09:24:04 PM,Updated Date-20-Apr-2017, Written by- Priyank Sharma

अजमेर। 'आमजन में विश्वास अपराधियों में डर', यह नारा राजस्थान पुलिस की आमजन में छवि को सुधारने और जुड़ाव के लिए दिया गया था, मगर आज भी अपराधियो में खाकी का ख़ौफ़ हो न हो मगर आमजन में खाकी का ख़ौफ़ जरूर दिखाई देता है। इस ख़ौफ़ के चलते अजमेर में एक युवक को अपनी जान से हाथ धोना पड़ गया।


मामला अजमेर के आदर्शनगर थाने का है, जहां रात के करीब डेढ़ बजे बर निवासी सुरेन्द्र अपने दो साथियों के साथ बड़लिया गांव से पैदल लौट रहा था। इस दौरान हटूंटी चौराहे पर पुलिस की सिग्मा टीम को देख डर की वजह से तीनों ने रास्ता बदला और माकुपुरा पुलिया के करीब आ गए। इस दौरान सिग्मा की टीम गश्त करती हुई वापस पहुंची तो उसे देखकर तीनों खेतों की ओर सरदार के कुएं की तरफ दौड़ पड़े।


सिग्मा के गश्ती दल को शक हुआ और उन्होंने एक युवक पकड़ लिया। जबकि सुरेन्द्र व उसके एक अन्य बेतहाशा रात के अंधेरे में दौड़ रहे थे तभी अचानक सुरेन्द्र कुए में जा गिरा। उसके पीछे दौड़ रहे सुरेश ने अपने आप को संभाला और वह कुएं में गिरने से बच गया। कुएं में गिरने से सुरेन्द्र की मौत हो गई। इस दौरान सुरेश ने तीसरे साथी को फोन करके मामले की जानकारी दी। तीसरा साथी सिग्मा टीम की हिरासत में था, लिहाजा पुलिस भी उसके साथ मौके पर पहुंची और सुरेन्द्र की लाश को कुएं से निकाला। मृतक के भाई ने सुरेन्द्र की मौत को हादसा बताते हुए आदर्शनगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है।


पुलिस का ख़ौफ़ आमजन पर किस कदर हावी है, यह युवक की मौत से ही पता चलता है। गनीमत है कि मृतक के परिजनों ने पुलिस पर उंगली नहीं उठाई, वरना पुलिस को भी लेने के देने पड़ जाते।  वहीं दूसरी ओर, इस घटना से यह स्पष्ट है कि पुलिस को देखकर युवकों ने मौके से भागकर सबसे बड़ी भूल की। शायद वो ऐसा नहीं करते तो सुरेन्द्र को अपनी जान से हाथ नहीं धोना पड़ता।

 

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