Farmers getting happy after winter rain

मावठ पड़ने से किसानों के चेहरे खिले, रबी की फसल के लिए जीवनदान साबित होगी यह बरसात

Published Date-07-Jan-2017 02:45:45 PM,Updated Date-07-Jan-2017, Written by- FirstIndia Correspondent

भरतपुर| राजस्थान के भरतपुर में आज सुबह से बरसात का दौर जैसे ही शुरू हुआ किसानों के चेहरे खिलने लगे क्योंकि विगत दिनों मौसम में बढ़ते तापमान के चलते गेंहू, जौ, चना की फसल को नुकसान होने की आशंका थी लेकिन आज शुरू हुई मावठ इस फसल के लिए वरदान साबित होगी साथ ही तामपान में गिरावट होने से फसल में वृद्धि होगी जो अच्छे उत्पादन के आसार बनेंगे| अन्यथा बिना मावठ के रबी की यह फसल ख़त्म होने के कगार पर थी|

 

दरअसल विगत चार दिनों से यहां का तापमान दिन में 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था लेकिन रबी फसल के लिए 15 डिग्री का तापमान उचित रहता है यदि इससे ऊपर तापमान में बढ़ोतरी होती है तो फसल का जीवन चक्र रुक जाता है लिहाज अन्नोत्पादन नहीं होगा|

 

पूर्वी राजस्थान में सरसों, गेंहू, जौ, चना की फसल 5,96,822 हेक्टेयर क्षेत्र में बोई जाती है जिसमे भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, अलवर जिले सम्मलित है। सबसे ज्यादा कृषि भूमि पर गेंहू की बुवाई की जाती है जिसमे अलवर में 2,05,800, भरतपुर में 1.60 लाख,सवाई माधोपुर में 88,522, करौली में 84000, धौलपुर में 58,500 हेक्टेयर भूमि पर गेंहू की फसल बोई जाती है जो खाद्यान का प्रमुख साधन माना जाता है|   

 

Farmers, Bharatpur, Rajasthan, Winter Season, Rain

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Recommendation