झूठे केस में फंसाने की कार्रवाई ने खाकी की कार्यशैली को किया सवालों के घेरे में खड़ा

Published Date 2017/03/24 16:02, Written by- FirstIndia Correspondent

सेवर थाना क्षेत्र के गांव पार बगधारी पंछी का नगला में दी गई दबिश के दौरान पकड़ी बालिग तीन लड़कियों को नाबालिग बताकर दर्ज किए मामले में भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ है| लड़कियां नगर के गांव लादिया से अपनी रिश्तेदारी में शादी में आई थीं और उन्हें मानव तस्करी में बता दिया जब उनके माता-पिता दूल्हे राहुल से बात की तो तीनों ने कहा कि मंगलवार को पुलिस ने छापे के दौरान सुशीला, सोनम, मनीषा को जबरदस्ती पकड़ लिया जहां हम सफाई देते रहे पर  पुलिस ने एक भी नहीं सुनी।

 

उधर पुलिस ने पार बगधारी पंछी का नगला में दबिश की कार्रवाई के संबंध में अलग-अलग दो एफआईआर नंबर 133 134 सेवर थाना में दर्ज की, इनमें नाबालिग बच्चियों को बाहर से लाकर जबरन देह व्यापार कराने जैसे आरोप लगाए गए हैं और सोनम उम्र 16 साल, मनीषा उम्र 17 साल, सुशीला उम्र 17 साल निवासी लादिया नगर को नाबालिग मानते हुए पकड़ लिया और सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश कर बाल संप्रेषण गृह भेज दिया जबकि हकीकत यह है कि ये तीनों बालिग है। सोनम 19 साल मनीषा सुशीला 21 साल की हैं। तीनों यहां शादी में आई थी। 

 

एसपी कैलाश बिश्नोई ने कहा है कि सेवर थाना क्षेत्र के संबंधित गांव पार बगधारी पंछी का नगला में तीन बस्तियां हैं, जहां कुल 52 घर हैं। जहां पुलिस कार्रवाई करती रहती है, पुलिस का उद्देश्य नाबालिग लड़कियों को इस धंधे से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू करने का होता है और तुरंत उन्हें सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश करके सुपुर्द कर दिया जाता है ताकि आगे अन्य सामाजिक विभाग एजेंसियां उनका पुनर्वास तथा पुनरुत्थान कर सके|
 

 

पुलिस इस दौरान अन्य गतिविधियों के लिए पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई करती है। ऐसे ही पिछले तीन साल में अब तक 26 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू करके सीडब्ल्यूसी के सुपुर्द किया जा चुका है तथा 10 मामले पीटा एक्ट के तक दर्ज करके महिलाओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। ये निरंतर चलने वाली पुलिस की कार्रवाई है। पुलिस की मंशा रेस्क्यू करने नया जीवन देने की रहती है, पुलिस अनैतिक कार्य नहीं करती है। एसपी बिश्नोई ने ये बात सेवर थाना क्षेत्र के गांव पार बगधारी पंक्षी का नगला बेड़िया बस्ती में मंगलवार को पुलिस की दबिश और इस दौरान दो नाबालिग लड़कियों की तालाब में डूबने से मौत के संबंध में प्रेसवार्ता में कही।

 

उन्होंने कहा कि मौत होने पर निष्पक्षता रखते हुए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया और वीडियोग्राफी कराई है। इसकी पृथक से इस सेक्टर के अलावा डी सेक्टर से भी जांच कराई जा रही है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान नगर के गांव लादिया की तीन नाबालिग लड़कियों को पकड़ा था जिनके तत्काल सीडब्ल्यूसी के समक्ष बयान कराए गए उनका वहां रहने का कोई उद्देश्य परिवार का अन्य सदस्य भी मौजूद नहीं मिला था। 
जबकि पार बगधारी में रोहित  की शादी 25 मार्च को है, जिसकी बारात पानीपत जाएगी उसके यहां शादी से 5-6 दिन पूर्व रिश्तेदार आकर अन्य वैवाहिक कार्यक्रमों में शामिल होते है। पिता नहीं होने की वजह से मामा राजेंद्र उसकी शादी कर रहा है।

 

इस मामले में जब मनीषा की मां मुमताज पिता रमेश ने बताया रोहित उनके बुआ का लड़का है। हम यहां शादी में आए थे। 21 मार्च को पुलिस लड़कियों को जबरन ले गई। हम चिल्लाते रहे लेकिन एक नहीं सुनी। थाने भी गए कोई जवाब नहीं मिल रहा। वहीं इस मामले में धारा बेड़िया का कहना है कि वह अपनी दो लड़की सोनम सुशीला के साथ शादी में आए थे|  सुशीला की जन्म तिथि 6 अप्रैल 1996 सोनम की 5 सितंबर 1998 दर्ज है और मनीषा के पहचान पत्र में जन्म तिथि 1 जनवरी 1995 दर्ज है, जिसके हिसाब से तीनों ही बालिग हैं, जबकि पुलिस उन्हें नाबालिग मानती है|

 

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