Goverment questioning on sugar data

चीनी के आंकड़ों पर सरकार ने उठाए सवाल

Published Date-15-Mar-2017 01:24:45 PM,Updated Date-15-Mar-2017, Written by- FirstIndia Correspondent

चीनी मिलों के संगठन इस्मा की ओर से जारी होने वाले आंकड़े पर खाद्य मंत्री राम विलास पासवान ने सवाल उठाए हैं। पासवान ने कहा है कि बार-बार चीनी उत्पादन के आंकड़े  बदलने से ग्राहक और किसान दोनों को नुकसान होता है। खाद्य मंत्री ने कहा है कि इस्मा के उत्पादन आकड़े भ्रामक हैं। हर पंद्रह दिन पर उत्पादन आंकड़ों में कटौती से इस्मा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और इसी वजह से सरकार इन आंकड़ों के दम पर इंपोर्ट ड्यूटी में किसी तरह की कटौती से इनकार किया है।

 

बता दें कि इस्मा ने चीनी उत्पादन अनुमान को घटाकर करीब 203 लाख टन कर दिया है। इससे पहले इस्मा ने 25 जनवरी को जारी रिपोर्ट में चालू चीनी सत्र के लिए 213 लाख टन चीनी उत्पादन होने का अनुमान जताया था। संगठन ने 25 जनवरी को चीन उत्पादन के अनुमान में कटौती की थी और 2 महीने से भी कम समय में यह दूसरी कटौती थी। संगठन ने सितंबर 2016 में भी चीनी उत्पादन अनुमान 234 लाख टन होने का अनुमान जताया था। इस तरह अभी तक कुल मिला कर 6 महीनो में 3 बार चीनी उत्पादन को लेकर अनुमान में चीनी उत्पादन कम रहने के संकेत इस्मा दे चुका है।

 

इस बीच सरकार ने भरोसा जताया है कि देश में चीनी की कमी नहीं है। खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि मांग के मुकाबले देश में चीनी की मौजूदगी पर्याप्त है। ऐसे में चीनी की इंपोर्ट ड्यूटी में सरकार किसी तरह कटौती नहीं करेगी। आपको बता दें इससे पहले चीनी की बढ़ती कीमतों को देखकर बाजार विधानसभा चुनाव बाद चीनी की इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती की संभावना जता रहा था।

 

केंद्र सरकार के मुताबिक इस साल चीनी उत्पादन 220 लाख टन रहने का अनुमान है। केंद्र सरकार के पास पिछले साल का करीब 77 लाख टन चीनी का स्टॉक मौजूद है। देश में करीब 240 लाख टन चीनी की खपत रहती है। इस साल कुल मिलाकर 290 लाख टन चीनी की उपलब्धता रहने का अनुमान सरकार लगा रही है।

 

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