Railway Development Authority to fix rail fares

रेल मंत्री नहीं बल्कि रेल डेवलपमेंट अथॉरिटी तय करेगी रेल का किराया

Published Date-06-Apr-2017 02:27:02 PM,Updated Date-06-Apr-2017, Written by- FirstIndia Correspondent

नई दिल्ली| रेलवे के किराए का निर्धारण रेल मंत्री नहीं करेंगे बल्कि रेल डेवलपमेंट अथॉरिटी (RDA) करेगी। जी हां रेल डेवलपमेंट अथॉरिटी ही रेल का किराया तय करेगी| इसकी मंजूररी केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी RDA को दे दी है। खास बात यह है कि RDA एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए बनाया जा रहा है क्योंकि इस समय मोदी सरकार के पास राज्यसभा में बहुमत नहीं है लेकिन रेलवे में सुधारों की जरूरत को देखते हुए मोदी सरकार ने फैसला लिया है कि इसे रेलवे एक्ट 1989 के अंतर्गत बनाया जाए।

 

आपको बता दें कि RDA एक स्वतंत्र रेगुलेटर होगा और इसका काम रेल किरायों का निर्धारण करना होगा। रेल डेवलपमेंट अथॉरिटी लागत को देखते हुए रेलवे की सेवाओं की कीमतों का निर्धारण करेगी। इसके अलावा उपभोक्ता हितों की रक्षा करना और साथ ही साथ नॉन फेयर रेवेन्यू को कैसे बढ़ाया जाए, इस पर सुझाव देना भी इसका काम होगा।

 

RDA रेल सुधारों को लागू करने का रास्ता भी साफ करेगा। किस तरीके से रेलवे में मानव संसाधन को विकसित किया जाए, इसके बारे में RDA की बात को सबसे ऊपर रखा जाएगा। डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर इंफ्रास्ट्रक्चर को किस तरह से निजी और सरकारी हिस्सेदारी से चलाया जाए इसके बारे में भी RDA की राय काफी मायने रखेगी।

 

दरअसल मंत्रिमंडल द्वारा पारित प्रस्‍ताव के अनुसार, RDA का एक चेयरमैन होगा और इसके 3 सदस्य होंगे। चेयरमैन और उसके सदस्यों का कार्यकाल 5 साल का होगा। उल्‍लेखनीय है कि वर्ष 2001 से ही रेलवे में रेगुलेटर की भूमिका पर जोर देते हुए कई समितियों का गठन किया गया। इसके लिए सबसे पहले वर्ष 2001 में डॉक्टर राकेश मोहन की अगुआई में विशेषज्ञों का समूह बनाया गया। उसके बाद 2014 में नेशनल ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट पॉलिसी कमिटी बनाई गई। 2015 में डॉक्टर विवेक देवराय की अध्यक्षता में इसको लेकर एक कमेटी का गठन किया गया।

 

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