Nusli wadia removes by tata motors shareholders from director post

टाटा मोटर्स की ईजीएम में नुस्ली वाडिया को हटाने के पक्ष में पड़े 54 करोड वोट

Published Date-23-Dec-2016 04:23:49 PM,Updated Date-23-Dec-2016, Written by- FirstIndia Correspondent

नई दिल्ली। नुस्ली वाडिया को गुरुवार (22 दिसंबर) को टाटा मोटर्स के स्वतंत्र निदेशक के पद से हटा दिया गया। उन्हें हटाने का फैसला वोटिंग से लिया गया। यह घोषणा शुक्रवार सुबह की गई है। बताया गया कि टाटा मोटर्स के शेयरहोल्डर्स में से 71.20 प्रतिशत लोगों ने नुस्ली को हटाने के लिए वोट किया था। यह वोटिंग गुरुवार को एक्ट्राओर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) के दौरान मुंबई में तकरीबन तीन बजे हुई थी। वाडिया को छोड़कर वहां बोर्ड के सभी डायरेक्टर मौजूद थे।

 

आपको बता दें कि टाटा मोटर्स की ईजीएम से पहले नुस्ली वाडिया ने शेयरहोल्डर्स से अपील की थी कि वो अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर वोट करें। वाडिया ने शेयरहोल्डर्स को 4 पन्ने का एक पत्र लिखा था, जिसके जरिए शेयरहोल्डर्स से अपील की गई थी कि कंपनी के लिए क्या सही है उसे देखते हुए आपके पास अंपनी अंतरात्मा की आवाज सुन वोट करने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा था कि स्वतंत्र निदेशकों के संस्थानों के लिहाज से भी शेयरधारकों का वोट काफी अहम है।

 

बुधवार को हुई टाटा स्टील की ईजीएम में डायरेक्टर नुस्ली वाडिया को हटाने पर वोटिंग हुई थी। इसमें 92 शेयरधारकों ने वोटिंग की और अधिकांश शेयरधारकों ने रतन टाटा का समर्थन किया। नुस्ली के हटाए जाने के पक्ष में 90.80 फीसदी शेयरहोल्डार्स ने वोट दिया। टाटा स्टील की ईजीएम में वाडिया शामिल नहीं हुए। नुस्ली वाडिया इस ईजीएम में नहीं पहुंचे और उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में हुई ईजीएम में एकतरफा फैसले लिए गए हैं।  इस ईजीएम के बाद अंतरिम चेयरमैन ओ पी भट्ट ने अपनी सफाई में कहा कि कंपनी के कामकाज में टाटा संस का कोई दखल नहीं है और कोरस की खरीद के लिए स्वतंत्र निदेशकों की मंजूरी ली गई थी।

 

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