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RBI kept interest rates unchanged

आरबीआई ने ब्याज दरें यथावत रखी, विकास दर अनुमान घटाया

Published Date-08-Dec-2016 11:53:51 AM,Updated Date-08-Dec-2016, Written by- FirstIndia Correspondent

मुंबई| भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक चौंकानेवाले कदम के तहत बुधवार को प्रमुख ब्याज दरों को यथावत बनाए रखा और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अनिश्चितता के मद्देनजर देश के वृद्धि दर अनुमान को कम कर दिया। इसके साथ ही रिपर्चेज रेट या अल्पकालिक ब्याज दरों में भी केंद्रीय बैंक ने कोई बदलाव नहीं किया है और यह 6.25 फीसदी ही रहेगी। वहीं, र्विस रेपो रेट की दर 5.75 फीसदी यथावत रहेगी। 

 

सरकार ने मौद्रिक नीति समीक्षा के लिए समिति गठित की है और उन्हें मुद्रास्फीति की दर को चार फीसदी तक (दो फीसदी ज्यादा-कम) रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी दी गई है।समिति ने एक बयान में कहा कि बुधवार को लिया गया निर्णय मुद्रास्फीति का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए लिया गया है, जिसमें प्रमुख ब्याज दरों को यथावत रखा गया है।

 

इस समिति में छह सदस्य हैं, जिसकी अध्यक्षता आरबीआई के गर्वनर उर्जित पटेल कर रहे हैं। उन्होंने समिति के फैसले के पक्ष में मतदान किया। समिति की बैठक मिनट्स 21 दिसंबर को जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को देश का विकास दर अनुमान 7.6 फीसदी से घटाकर 7.1 फीसदी कर दिया।

 

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने बयान में कहा, "2016-17 का जीवीए (सकल मूल्य संवर्धित) विकास के लिए हमारा दृष्टिकोण अनिश्चित है, क्योंकि दूसरी तिमाही की रफ्तार में 50 आधार अंकों की अप्रत्याशित गिरावट आई है, साथ ही नोटबंदी का प्रभाव अभी भी जारी है।" केंद्रीय बैंक ने कहा कि निकट भविष्य में नकारात्मक जोखिम दो प्रमुख चैनलों से आएंगे। इसमें पहला नकदी आधारित क्षेत्र में नकदी की कमी के कारण आर्थिक गतिविधियों में गिरावट तथा धन की कमी से मांग में गिरावट शामिल होंगे। 

 

बयान में कहा गया है, "पहले चैनल के असर से हालांकि तब निजात मिल जाएगी, जब बाजार में पर्याप्त मात्रा में नकदी आ जाएगी, साथ ही अर्थव्यवस्था में कैशलेस लेनदेन का अधिक से अधिक प्रयोग शुरू होगा।" बयान में आगे कहा गया, "वहीं, दूसरे चैनल का असर सामान्यत: सीमित होगा। इसलिए दूसरी छमाही का अनुमान 7.7 फीसदी और पूरे वर्ष का अनुमान 7.6 फीसदी लगाया गया है।"

 

Mumbai, RBI, Intrest Rate, Repo Rate 

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