Greenpeace report says air pollution causes 12 lakh deaths in india annually delhi most polluted

हर साल एयर पॉल्यूशन से 12 लाख लोगों की होती है मौत, दिल्ली देश का सबसे प्रदूषित शहर: ग्रीनपीस

Published Date-12-Jan-2017 12:44:04 PM,Updated Date-12-Jan-2017, Written by- FirstIndia Correspondent

नई दिल्ली| भारत में प्रदूषण का स्तर दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है| भारत में हर साल वायु प्रदूषण के कारण 12 लाख लोगों की मौत हो जाती है। ग्रीनपीस की रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि प्रदूषण के मामले में दिल्ली अव्वल नंबर पर है। रिपोर्ट में चौंकाने वाली बात ये भी है कि केवल राजधानी में ही सांस लेना मुश्किल नहीं हुआ है बल्कि प्रदूषण की चपेट में भारत के कई और शहर भी शामिल हैं।

 

24 राज्यों के 168 शहरों की स्थिति पर ग्रीनपीस इंडिया द्वारा बनी इस रिपोर्ट का नाम 'वायु प्रदूषण का फैलता जहर' है। इसमें बताया गया है कि WHO और दक्षिण भारत के कुछ शहरों को छोड़कर भारत के किसी भी शहर में केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी ) के प्रदूषण निंयत्रित करने के लिए बनाए गए मानकों की सीमा का पालन नहीं किया है।

 

रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदूषण का मुख्य कारण जीवाश्म ईंधन जैसे कोयला,पेट्रोल, डीजल का बढ़ता इस्तेमाल है। सीपीसीबी से आरटीआई द्वारा प्राप्त सूचनाओं में पाया गया कि ज्यादातर प्रदूषित शहर उत्तर भारत के हैं। यह शहर राजस्थान से शुरु होकर गंगा के मैदानी इलाके से होते हुए पश्चिम बंगाल तक फैले हुए हैं। इतना ही नहीं वायु प्रदूषण के कारण भारत में हर साल 12 लाख लोगों की मौत हो जाती है।

 

आपको बता दें कि ग्रीनपीस के साथ काम करने वाले सुनील दहिया के मुताबिक, 'रिपोर्ट में शामिल शहरों ने इसे नियंत्रित करने का कोई कारगर उपाय नहीं किया जिसके कारण ये शहर वायु प्रदूषण के आधार पर रहने योग्य नहीं कहे जा सकते। यहां सांस लेना तक मुश्किल हो गया है लेकिन सरकारी तंत्र इस पर कान बंद कर बैठे हुए हैं। वायु प्रदूषण से होने वाली मौतों की संख्या तंबाकू के कारण होने वाली मौतों से कुछ ही कम रह गयी है।'

 

देश के 20 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों का 2015 में वायु प्रदूषण का स्तर PM 10 (2) 268 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर (g/m3) से 168 g/m3 के बीच रहा। इसमें 268 g/m3 के साथ दिल्ली टॉप पर है। वहीं इसके बाद अन्य शहरों में उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद, इलाहाबाद, बरेली, कानपुर, हरियाणा का फरीदाबाद, झारखंड का झरिया, रांची, कुसेंदा, बस्टाकोला है। बिहार के पटना का प्रदूषण स्तर PM 10, 258 g/m3 से 200 g/m3 रहा। प्रदूषण नियंत्रण की रणनीति बेहद मजबूत, कारगर और लक्ष्य केंद्रित बनानी होगी। रिपोर्ट के मुताबिक इसके लिए सबसे पहले ऊर्जा और यातायात के क्षेत्र में कोयला, पेट्रोल, डीजल जैसे ईंधनों पर अपनी निर्भरता कम करनी होगी।

 

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