Convicts of Ajmer Dargah blast case will now be heard on 18 march

अजमेर दरगाह बम ब्लास्ट मामले के दोषियों को अब 18 को सुनाई जाएगी सजा

Published Date-16-Mar-2017 03:40:09 PM,Updated Date-16-Mar-2017, Written by- Ramswaroop Lamror

जयपुर। साल 2007 में हुए अजमेर दरगाह बम ब्लास्ट मामले के दोषी आरोपियों को सजा सुनाए जाने का मामला दो दिन के लिए और टल गया है। सीबीआई की विशेष कोर्ट अब दो दिन बाद यानी 18 मार्च को सजा तय करेगी। आज इस मामले में सजा तय किए जाने के बिन्दुओं पर चर्चा हुई। सीआरपीसी और यूएपीए के सेक्शन को लेकर दोनों पक्षों में बहस हुई। इस दौरान कोर्ट परिसर में दोनों आरोपी देवेन्द्र गुप्ता और भावेश पटेल कटगरे में मौजूद रहे।


एनआईए के एडवोकेट अश्विनी शर्मा ने कहा कि बम ब्लास्ट मामले में मुख्य षड़यंत्रकारी में शामिल होने के कारण इन दोनों आरोपियों को अन लॉ फुल एक्टिविटीज प्रिविन्सन एक्ट की धारा 18 के तहत सजा सुनाई जाए, लेकिन बचाव पक्ष के एडवोकेट जे एस राणा का कहना था कि सीआरपीसी के सेक्शन के तहत सजा तय की जाए। इसी बीच दोनों पक्षों को दरखास्त सुनने के बाद न्यायालय ने दोनों पक्षों से नजीरें पेश करने के लिए कहा।


वकीलों को 18 मार्च तक का समय दिया गया है कि वे अपनी अपनी अपीलों को लेकर नजीरें पेश करे। अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिविन्सन एक्ट के सेक्शन 18 के तहत सजा दी जाए तो कम से कम उम्रकैद और अधिकतम सजा मृत्युदंड का प्रावधान है जबकि सीआरपीसी के सेक्शन के तहत सजा तय की जाएगी तो न्यूनतम सजा पांच साल की कैद और अधिकतम सजा उम्रकैद हो सकती है। एनआईए के वकील के मुताबिक क्योंकि चार्जशीट में दोनों ही सेक्शन का हवाला है ऐसे में दोनों ही एक्ट के तहत सजा होनी चाहिए।

 

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