जलदाय विभाग की नाकामयाबी, एक ओर जल संकट, दूसरी ओर रोजाना चोरी हो रहा है 25 लाख लीटर पानी

Published Date 2017/04/27 10:35, Written by- FirstIndia Correspondent

जैसलमेर| जैसलमेर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट गहराया हुआ है। गांवों में ग्रामीणों को और पशुओ को पीने का पानी नहीं मिल रहा है, वहीं शहरी क्षेत्र में 4 से 5 दिन के अंतराल में पानी सप्लाई हो रही है। दूसरी तरफ खुलेआम मुख्य लाइन से पानी की चोरी हो रही है और विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। इस मामले की पड़ताल की तो चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। मोहनगढ़ से जैसलमेर आने वाली पाइप लाइन से रोजाना 25 लाख लीटर पानी चोरी हो रहा है। कभी कभी यह आंकड़ा 30 से 35 लाख लीटर भी पहुंच जाता है।
  

 

मोहनगढ़ से जैसलमेर के बीच चार साल से नई लाइन बिछी हुई है। लगातार चार साल से यही हालात है और विभाग मौन है। यहां तक कि कई बार एयरवॉल्व से लोगों ने पानी चोरी कर डिग्गियां भर ली और खेती भी करनी शुरू कर दी। इस रास्ते में काणोद, हड्डा, चाहडू व जेठवाई के आसपास छोटी छोटी ढाणियों में पानी चोरी किया जा रहा है। जलदाय विभाग को इस मामले जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। 

 

इस लाइन से रोजाना 25 लाख लीटर पानी चोरी हो रहा है। इतने पानी से रोजाना 18 हजार 500 लोगों की प्यास बुझ सकती है। सरकारी नोर्म्स के अनुसार रोजाना 135 लीटर प्रति व्यक्ति पानी की सप्लाई की जाती है। यदि इस पानी की चोरी को रोका जाए तो शहरी क्षेत्र का पेयजल संकट दूर हो सकता है। पिछले कई दिनों से शहर की जलापूर्ति बिगड़ी हुई है। सूलीडूंगर से होने वाली जलापूर्ति का अंतराल 4 से 6 दिन हो रहा है। कई गली मोहल्लों में 5 – 5 दिन से पानी नहीं आ रहा है। लोगों को मजबूरी में महंगे दामों के टैंकर मंगवाकर आपूर्ति करनी पड़ रही है। 

 

जिले के सभी गांव अभावग्रस्त घोषित हो रखे हैं। ऐसे में गांवों में पानी की भयंकर किल्लत है। गांव के छोटे छोटे तालाब व नाडियां सूखी पड़ी है। ग्रामीणों के साथ साथ पशुधन भी बेहाल है। पशुधन दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। कई गांवों में गायों की हालत दयनीय हो रही है और जलदाय विभाग वहां तक पानी नहीं पहुंचा पा रहा है। 

 

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