Second unit of thermal power plant also closed in jhalawar

थर्मल पावर प्लांट की दूसरी इकाई भी हुई बंद

Published Date-04-May-2017 10:28:40 AM,Updated Date-04-May-2017, Written by- FirstIndia Correspondent

झालावाड़| झालावाड़ के कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट की दूसरी इकाई को मंगलवार रात 1:00 बजे से प्लांट प्रबंधन ने बंद कर दिया| सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोयले की कमी के चलते थर्मल पावर प्लांट की दूसरी इकाई को बंद करना पड़ा है। मिली जानकारी के मुताबिक कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट को पिछले 25 दिनों से कोयले की पर्याप्त आपूर्ति नहीं की जा रही है| कोयला आपूर्ति का कार्य अदानी ग्रुप द्वारा किया जाता है जो पिछले 25 दिनों से आपूर्ति को बाधित किए हुए है।

 

झालावाड़ स्थित कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट को अपनी दोनों इकाइयों को सुचारु रखने के लिए प्रतिदिन 4 रैक कोयले की आवश्यकता प्रतिदिन होती है, लेकिन अभी की बात की जाए तो प्लांट परिसर में दूसरी इकाई के लिए स्टॉक में बिल्कुल भी कोयला नहीं बचा है| वहीं पहली इकाई को भी कोयले की कमी के चलते कम लोड पर चलाकर उत्पादन किया जा रहा है| ऐसे में यह सवाल उठता है कि दूसरी इकाई के बंद होने का जो नुकसान हो रहा है उसकी जिम्मेदारी अदानी ग्रुप लेगा या फिर इसके लिए भी कर्मचारियों को ही दोषी ठहरा दिया जाएगा।

 

इधर पूरे मामले पर प्लांट प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई जानकारी मीडिया को उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है कि कब तक कोयले की पर्याप्त आपूर्ति शुरू हो पाएगी। 1 यूनिट को 24 घण्टे  चलाने के लिए 7 हजार मैटिक टन कोयले की जरूरत पड़ती है और रोजाना यहां 4 गाड़िया कोयले की पहुचती है जिससे दोनों यूनिट चलती है|

 

खास बात यह है कि इस यूनिट के बन्द होने से 3 करोड़ रु का रोजाना घाटा हो रहा है उसका जिम्मेदार कौन?यही नही 600 मेगावाट की इकाई से 144 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होता है यह भी ठप हो गया है| अब कोई भी अधिकारी मीडिया के सामने आने से बच रहा है| वहीं 2 माह से ज्यादा से थर्मल के कर्मचारी इसको निजी हाथो में सौपने का  विरोध कर रहे है| अब इससे तो यही लगता है सरकार की यह सोची समझी साजिश है कि धीरे धीरे इसको बन्द कर इसे घाटा बताकर बेच दिया जाए| 

 

Thermal Power Plant, Jhalawar, Rajasthan, Coal, Plant Management

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