Government hostel became riotously place in shergarh at Jodhpur

राजकीय छात्रावास बना अय्याशी का अड्डा, निजी छात्रावासों में रहने को मजबूर छात्र

Published Date-22-Jan-2017 02:33:05 PM,Updated Date-22-Jan-2017, Written by- FirstIndia Correspondent

जोधपुर | जोधपुर जिले के शेरगढ़ कस्बे में 34 साल पूर्व बना राजकीय छात्रावास पिछले 11 वर्षों से रख-रखाव के अभाव में जर्जर जीर्णशीर्ण उपेक्षित हालात में बेकार पड़ा अपना अस्तित्व खो रहा है| अब यह मात्र अय्याशी का अड्डा बनकर रह गया है| इस सरकारी छात्रावास की शिक्षा विभाग कोई भी सुध नहीं ले रहा है| ऐसे में गरीब वर्ग के छात्रों को रहने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है| वे निजी छात्रावासों में मनमानी फीस देकर रहने को मजबूर हैं।

 

अभाव ग्रस्त इलाकों के बच्चों के रहने के लिए वर्ष 1983 में बढ़िया शिक्षा योजना के तहत 5 बीघा बेशकीमती जमीन पर 6 लाख रुपए की लागत से राजकीय छात्रावास का निर्माण कराया गया था, जिसका उद्घाटन 11 दिसंबर 1983 को तत्कालीन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री खेतसिंह राठौड़ द्वारा किया गया था|

 

20 कमरों वाले इस छात्रावास में 60 छात्रों के रहने की व्यवस्था थी| इस छात्रावास की सार-संभाल के लिए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय शेरगढ़ के शिक्षक को ही वार्डन लगा रखा था। वर्ष 2006 तक यह छात्रावास ठीक चला उसके बाद छात्रावास के हालात खस्ता होने लगे दरवाजों में दीमक लग जाने से टूट कर बिखर गए हैं| छात्रावास की खिड़कियां, दरवाजे व रोशनदान सभी टूटे हुए हालात में हैं| अधिकांश दरवाजे गायब हैं| कमरों में छत से गिरा मलबा आदि बिखरा पड़ा है| दीवारों का प्लास्टर भी गिर रहा है| लोहे का मुख्य द्वार भी अब जंग खाकर सड़ गया है।

 

बारिश के दौरान छत से पानी टपकता है| इस हालात के कमरे रहने के लायक नही है। इस छात्रावास की चारदीवारी भी नही है| ऐसे में छात्रावास के टूटे दरवाजे व खिड़कियों में से ही बदमाश लोग प्रवेश कर जाते हैं| ऐसे में सुनसान इलाके में उजाड़ के रूप में बनाया छात्रावास अब अय्याशी का अड्डा बन चुका है| छात्रावास का पूरा परिसर बबूल की अनगिनत झाड़ियों से गिरा हुआ है| समय रहते इस छात्रावास की सुध नहीं ली गई तो अतिक्रमण की भेंट चढ़ जाएगा।


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