मां और बेटी बनकर महिलाएं करें कार्य - सीजे केएस झवेरी

Published Date 2017/03/08 16:09, Written by- FirstIndia Correspondent

जोधपुर| अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिला सशक्तिकरण को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला एवं सेशन न्यायालय परिसर में आयोजित समारोह के मुख्य अतिथी राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक सीजे केएस झवेरी थे वहीं सीनियर जस्टिस गोविंद माथुर, जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास, जस्टिस निर्मलजीत कौर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहें। कार्यवाहक सीजे ने कहा कि महिलाओं के लिए सम्मान होना आवश्यक है नारी ही नारी की शक्ति बने मां और बेटी बनकर कार्य करे ना कि ननद और सास बन कर। इस मौके पर पोस्टर व बैनर का भी विमोचन किया गया।

 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक सीजे के एस झवेरी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में महिला न्यायिक अधिकारियों के साथ पुलिस अधिकारी व अन्य महिला अधिकारी मौजूद रही। कार्यक्रम में सीनियर जस्टिस गोविंद माथुर, जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास, जस्टिस निर्मलजीत कौर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहें।

 

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी ने बधाईया देने के साथ महिला सशक्तिकरण को लेकर और प्रभावी कदम उठाने के लिए संदेश दिया।इस मौके पर जस्टिस निर्मलजीत कौर ने कहा कि वंचित महिलाओं को न्याय मिल सके| इसके लिए आज महिला क्लिनिक की स्थापना भी कर दी गई है| जहां प्री लिटेगेशन के मामलो में महिलाओं को सहायता मिलेगी। पीड़ित व वंचित महिला इसका लाभ उठाये तो अच्छा रहेगा। वैसे तो नारी शक्ति कमजोर नही है फिर भी न्यायिक अधिकारों के लिए जागरूक रहे।

 

समारोह को सम्बोधित करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस जीके व्यास ने कहा कि ज्ञान पैसा और शक्ति के लिए नारी के रूप ही है ऐसे में नारी कही कमजोर नही है।आज हम नैतिकता के लिए लड रहे है नारी तो सशक्त है उसकी इज्जत करे लेकिन नरभक्षी उसे खाने का प्रयास कर रहे है इसीलिए समाज नारी के साथ है और उसके सशक्त बनाने के लिए खड़ा है।

 

उन्होने इस मौके पर एक कविता सुनाते हुए कहा कि धन्यवाद सावरिया जो तूने कालीदास को जन्म दिया--इस मौके पर सीनियर जस्टिस गोविन्द माथुर ने सम्बोधित करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में महिलाओं की उपस्थिती देखकर ही लगता है कि भारतीय नारी कही कमजोर नही है। न्यायिक क्षेत्र में अधिंकाश नारी शक्ति का वर्चस्व है जिसे देखकर मुझे खुशी है और देश के लिए गर्व की बात है उन्होने केदारनाथ अग्रवाल की कविता सुनाते हुए  कहा कि मैने जब जब उसको देखा,लोहा देखा,ढलते देखा, गोली की तरह चलते देखा---नारी अबला नहीं है अब वो समय बदल गया है।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथी राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक सीजे के एस झवेरी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि मेरे जीवन में नारी के लिए सम्मान है क्योकि मेरे परिवार में महिलाओं का ही वर्चस्व रहा है मै यही कहूंगा कि नारी बेटी और मॉ बने ना कि ननद और सास बने क्योकि मां और बेटी बनकर ही संसार का कल्याण हो सकता है उन्होने कहा कि मैने अपने कई फैसलो में भी नारी को सशक्त किया है नारी का सम्मान करे।

 

K S Zaveri, Jodhpur, Rajasthan, International Womans Day

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

Stories You May be Interested in


Most Related Stories


-------Advertisement--------



-------Advertisement--------