Happy to get money but sorrow to shut down of IL factory

पैसा मिलने से खुश, लेकिन आईएल फैक्ट्री बंद होने का गम

Published Date-16-Apr-2017 07:03:54 PM,Updated Date-16-Apr-2017, Written by- FirstIndia Correspondent

कोटा। कोटा में बरसों पुराना भारत सरकार का उपक्रम आईएल फैक्ट्री बंद हो गई है। फैक्ट्री बंद न हो इसके लिये कर्मचारियों ने खूब लड़ाई लड़ी, लेकिन फैसला नहीं टला। फैक्ट्री बंद के निर्णय के बाद अब जब सरकार पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों बकाया वेतन बांट रही है, तो सांसद ओम बिरला इसे भुनाने में लगे हैं। सांसद ने कर्मचारियों को न सिर्फ घर बुलाकर चैक सोंपा, बल्कि उनका मुंह मीठा भी कराया।


अब विपक्ष ने ऐतराज जताया है कि सांसद को फैक्ट्री बंद होने से बचाना चाहिये था, लेकिन सांसद कर्मचारियों को लड्डू बांटकर उनके जख्म पर मरहम लगा रहे हैं। गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने आईएल फैक्ट्री के बंद होने के बाद 400 करोड़ की राशि कर्मचारियों के लिये रिलीज की थी, जिसमें से 139 करौड़ का चैक आज सांसद ने कर्मचारियों को अपने घर बुलाकर सौंपा। 


पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों को अपना बकाया पैसा मिलने से खुशी तो है, लेकिन साथ ही टीस इस बात की भी है कि सरकार ने उन्हें बेरोजगार करते हुए फैक्ट्री बंद करने का फैसला लिया। कई कर्मचारी अपने बच्चों का भविष्य भी इसी फैक्ट्री में तलाश रहे थे, लेकिन फैक्ट्री होने से उन्हें गहरा झटका लगा है। कई कर्मचारियों का यह भी लगा कि सरकार ने फैक्ट्री बंद बाद यह राशि उन्हें लौटाई है, जबकि उनके इसी हक पहले अदा किया जाना था।


अब जब सरकार ने कोटा के उद्योग पर ताला लटकाकर कर्मचारियों को थोड़ी राहत पहुंचायी है और उसी थोड़ी राहत को सांसद भुना रहे हैं, इस पर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया है। विपक्ष का आरोप है कि सांसद को कोई हक नहीं बनता कर्मचारियों को घर बुलाकर चैक सौंपे और फैक्ट्री बंद होने के बाद अपने घर लड्डू बांटे। वहीं सांसद ने भी विपक्ष पर ही उलटा निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के वक्त कर्मचारियों पैसा तक नहीं दिलाया गया। 

 

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