Parents are worried about private schools fee and uniform

शिक्षा का नया सत्र शुरू होने के साथ ही अभिभावकों की जेब पर कमिशन का डाका

Published Date-06-Apr-2017 10:33:45 AM,Updated Date-06-Apr-2017, Written by- FirstIndia Correspondent

कोटा | 1 अप्रेल से शुरु हुए नए शिक्षा सत्र के साथ ही अभिभावक बच्चों के दाखिले को लेकर टेंशन में हैं| यूनीफॉर्म, स्टेशनरी, और सामान की खरीदारी के लिए अभिभावक दुकानों पर कतार में नजर आते हैं तो दूसरी ओर पुस्तक विक्रेता भी इस समय जमकर चांदी कूट रहे हैं| हांलाकि NCERT ने कक्षा 1 से 12वीं तक का सेट 2 हजार में तय कर रखा है लेकिन निजी प्रकाशक का वो ही सेट 7 से 10 हजार तक मिल रहा है| महंगी किताबे खरीदने के बाद अभिभावकों दर्द कुछ इस तरह से कैमरे के सामने झलक रहा है।

 

अभिभावक परेशान, तो सरकार मौन
फीस वृद्धि तो दूर की बात है। सरकार मुनाफाखोरी पर लगाम नहीं कस पा रही है। बाजारों में निजी स्कूलों की यूनिफॉर्म को स्कूल द्वारा निर्धारित दुकानों से ही खरीदना पड़ता है, क्योंकि इन दुकानों पर स्कूल का कमिशन तय होता है। सीबीएसई की गाइडलाइन के अनुसार उन्हें एनसीआरटीई की ही पुस्तकों को लागू करना है। लेकिन सब हवा हवाई बाते हैं, कुछ बुक विक्रेताओं ने महंगी किताबे बेचना भी कबूला। उधर, जिम्मेदार अधिकारी जांच और कार्यवाही की बात रह रहे हैं| अब  अभिभावक संघ ने इस लूट पर रोक नहीं लगाने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है|

 

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