Despite court orders new excise policy stuck in goal of raising

कोर्ट के आदेशों के बावजूद लक्ष्य जुटाने की पशोपेश में फंसी नई आबकारी नीति

Published Date-11-Feb-2017 05:54:42 PM,Updated Date-11-Feb-2017, Written by- FirstIndia Correspondent

नागौर। राज्य सरकार ने कमाई के लक्ष्य में इजाफा कर आबकारी नीति के प्रावधनों और अतिरिक्त आय के नए लक्ष्यों के भंवर के पेंच में फंसता नजर आ रहा है। दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसले से आबकारी विभाग की नींद उड़ गई है। राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर तक अब शराब की दुकानें नहीं होंगी। साफ है कि अब राजमार्गों पर शराब की बिक्री नहीं होगी, वहीं विभाग में कमाई के लक्ष्य को लेकर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही है।


हालांकि उसमें यह भी साफ है कि जिनके पास लाइसेंस हैं, वो खत्म होने तक या 31 मार्च 2017 तक जो पहले हो, तक इस तरह की दुकानें चल सकेंगी। यानी एक अप्रैल 2017 से हाईवे पर इस तरह की दुकानें नहीं होंगी। नागौर जिले में वर्तमान में 259 अग्रेजी व देशी मंदिरा की दुकानों में से 156 दुकानें इस कोर्ट के आदेश से प्रभावित हुई और नागौर आबकारी विभाग का नया 208 करोड़ का राजस्व लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया है।


नई आबकारी नीति में प्रदेश के बड़े होटलों को लाइसेंस फीस में राहत दी गई है, वहीं छोटे होटलों पर अधिभार में इजाफा किया गया है। अंग्रेजी शराब की दुकानों के लाइसेंस फीस में भी 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही राजमार्गों के किनारे लगे शराब के सारे विज्ञापन और साइन बोर्ड हटाए जाएंगे। राज्यों के चीफ सेकेट्री और डीजीपी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कराने की निगरानी करेंगे।

 

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