108 ambulances increasing the pain of people Instead providing relief

राहत प्रदान करने के बजाय लोगों का दर्द बढ़ा रही 108 एम्बुलेंस

Published Date-17-Mar-2017 05:57:18 PM,Updated Date-17-Mar-2017, Written by- FirstIndia Correspondent

झुंझुनूं। गंभीर परिस्थितियों में लोगों का सहारा बनने वाली 108 एम्बूलेंस सेवा झुंझुनूं के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। आम आदमी को एम्बुलेंस 108 को संकट के समय में अपना हमदर्द समझता है, लेकिन अब एम्बुलेंस 108 राहत देने के बजाय लोगों का दर्द बढ़ा रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से गत वर्ष किए निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर एम्बुलेंस 108 पर दो करोड़ 80 लाख का जुर्माना लगाया जा चुका है।


गौरतलब है कि झुंझुनूं जिले में करीब आठ साल पहले एम्बुलेंस 108 की सुविधा शुरू की गई थी। संचालन का जिम्मा जीवीके एमआरआई कम्पनी को सौंपा गया था। चिकित्सा विभाग को कई शिकायतें मिली और इन खामियों का पता चला, जिसके बाद विभाग ने एम्बुलेंस 108 सेवा की गाडिय़ों सहित सभी सेवाओं की जांच करवाई, कई निरीक्षण भी किए। निरीक्षण के दौरान कई  चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। समय पर नहीं पहुंचने की सबसे बड़ी समस्या सामने आई।


इसी साल जिला मुख्यालय की रोड नम्बर तीन पर लोक परिवहन बस चालक ने तेज गति व लापरवाही बरतते हुए दो लोगों के टक्कर मार दी। इस हादसे में दोनों मौके पर कई देर तक तड़पते रहे, एम्बुलेंस 108 कई मर्तबा फोन किए गए, लेकिन रिस्पोन्स नहीं मिला और दोनों की मौत हो गई। इस घटना को लेकर लोगों ने काफी रोष व्यक्त किया।

 

इसी तरह से दुर्घटना में घायल मरीजों को सीकर ले जाते वक्त भी एम्बुलेंस खराब हो गई और घंटों तक कोई विकल्प नहीं मिला, जिससे मरीजों की स्थिति खराब होने लगी। इसके बाद निजी एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई। ऐसे बहुत से मामले हैं जो लोगों को आपातकाल के समय में राहत प्रदान करने के बजाय उनके दर्द में इजाफा करने का काम कर गए।

 

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