राजे सरकार पर जमकर बरसे अशोक गहलोत

Published Date 2016/08/03 19:15, Written by- FirstIndia Correspondent

अजमेर। भाजपा सरकार के शासन में हर वर्ग दुखी है। थानों और प्रशासनिक स्तर पर आमजन की सुनवाई नही होती। यहां तक की भाजपा मुख्यालय में मंत्रियों की जनसुनवाई में भी आमजन के काम नहीं हो रहे हैं। यह तो सरकार के मंत्री खुद स्वीकार कर रहे हैं। सरकार प्रशासनिक तंत्र से अपना नियंत्रण खो बैठी है। यह कहना है पूर्व सीएम अशोक गहलोत का, जो आज अजमेर सर्किट हॉउस में रात्रि विश्राम के बाद पत्रकारों से रूबरू हुए।


गहलोत ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार बनते ही ब्यूरोक्रेसी के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया गया। सरकार ने अहम की संतुष्टि और बदले की भावना से काम शुरू किया। सीके मैथ्यू और गोविन्द शर्मा सरीखे सम्मानित अधिकारियों को जलील किया गया।

 
गहलोत ने वसुंधरा सरकार से सवाल किया कि संभाग के दौरे सरकार ने क्यों बन्द कर दिए। क्यों अब मुख्यमंत्री अपनी सरकार को लेकर दौरे नहीं कर रही है। अब जिलों में तीन दिन सीएम जा रही हैं। वहां भी जनता का रोष देखने को मिल रहा है, जबकि सीएम खुद कहती थीं कि लोग जयपुर क्यों आ रहे हैं, सरकार आपके द्वार आ रही है, कहां है सरकार।


गहलोत का आरोप है कि सरकार की नाकामी से प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़े हैं, अपराधों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। आये दिन बलात्कार, किडनैपिंग की घटनाएं हो रही है। आनंदपाल सरकार से पकड़ा नहीं जा रहा है। गृह मंत्री तो खुद आनंदपाल बन गए हैं। मीडिया के कैमरे के सामने आते ही उनमें जैसे कोई भूत सवार हो जाता है। 
उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले भाजपा ने कई वादे किये थे, जो अब तक झूठे साबित हुए हैं। 15 लाख बेरोजगारों को रोजगार देना, 15 लाख रुपए हर व्यक्ति के खाते में डालना। सब का सच समाने आ गया है। सरकार अब स्मार्ट सिटी के नाम पर टाइम पास कर रही है।

 
गहलोत ने कहा कि सरकार की संवेदनहीनता इस बात से प्रमाणित होती है कि गौ रक्षक होने की भाजपा बात करती है और गायों के लिए चारा—पानी का प्रबंध सरकार नहीं कर सकी। सवाईमाधोपुर में पड़े सैकड़ों गायों के हड्डियों के ढांचे सरकार की आंखें खोलने के लिए काफी है। पूर्व में कांग्रेस की सरकार में कोई भी सीएम रहा हो। राज्य में चार बार काल पड़े। गायों की भी मौतें हुई। मगर सरकार ने तत्त्काल पशुओं के लिए चारे—पानी की  व्यवस्था की। जबकि वर्तमान सरकार पर कोई असर ही नहीं पड़ता।


गहलोत ने यह भी कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना को पूरे देश में लागू करना चाहिए, ताकि देश की गरीब असहाय और आमजन को जेनरिक दवाओं का लाभ मिल सके। मगर राज्य सरकार तो योजना के अंतर्गत पशुओं तक को दवा नहीं उपलब्ध करवा पा रही है। वृद्धावस्था पेंशन 6 माह तक नहीं मिलती, लोगों के नाम तक काट दिए गए।

 
सरकार पर बरसने के बाद गहलोत सर्किट हाउस में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से भी मिले। ख़ास बात यह है कि गहलोत के अजमेर सर्किट हाउस में रात को पहुंचने की खबर आम कार्यकर्ता तक पहुंचने के बावजूद गिनती के लोग ही गहलोत से मिलने पहुंचे। दरअसल अजमेर में कांग्रेस शहर और देहात की कार्यकारणी बनना बाकी है। ऐसे में कार्यकारणी में शामिल होने की मंशा के चलते कांग्रेसियों ने गहलोत से दूरी बना ली।

 
चर्चा तो यह भी थी कि गहलोत से कौन कौन कार्यकर्ता मिले, इसकी मॉनिटरिंग कर फीडबेक पीसीसी चीफ सचिन पायलट को भेजी जाएगी। लिहाजा इस डर से शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन, देहात अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह राठौड़ तक गहलोत से मिलने ने आये।

 

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