Fight over ticket distribution in samajwady party akhilesh yadav calls all mla meeting

सपा में अब टिकट बंटवारे पर संग्राम, अखिलेश ने बुलाई समर्थकों की बैठक

Published Date-29-Dec-2016 10:26:35 AM,Updated Date-29-Dec-2016, Written by- FirstIndia Correspondent

नई दिल्ली| यूपी चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह के परिवार में अब टिकट बंटवारे को लेकर फिर लड़ाई छिड़ गई है| मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को विधानसभा चुनाव के लिए सपा के 325 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की तो अखिलेश के समर्थकों का पत्ता साफ कर दिया| चाचा शिवपाल की पसंद को लिस्ट में देखकर सपा में फिर अंदरखाने लड़ाई शुरू हो गई है| सीएम अखिलेश ने गुरुवार 11 बजे अपने समर्थक विधायकों की बैठक बुलाई है| अब नजर गुरुवार को होने वाली उस मीटिंग पर होगी जो कि अखिलेश ने इन कैंडिडेट्स के साथ गुरुवार को बुलाई है। ऐसा माना जा रहा है कि इस मीटिंग में वह आगे की रणनीति तय कर सकते हैं।

 

अखिलेश यादव की मर्जी के बगैर प्रत्याशियों की सूची जारी होने से समाजवादी परिवार का संग्राम किस करवट बैठेगा, यह कुछ दिनों में साफ होगा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने मंत्रियों और विधायकों के टिकट काटने के पक्षधर नहीं थे। मुरादाबाद और गौतमबुद्धनगर केप्रत्याशियों को लेकर सबसे अधिक मतभेद थे। अखिलेश ने नोएडा से सुनील चौधरी को टिकट देने की सिफारिश की थी जबकि वहां से अशोक सिंह चौहान को टिकट मिला है। वह दादरी से राजकुमार भाटी को प्रत्याशी बनाना चाहते थे मगर पार्टी ने रवींद्र भाटी को टिकट दिया है। ऐसे ही जेवर, खुर्जा फतेहपुर सीकरी में भी मुख्यमंत्री जिन्हें प्रत्याशी बनाना चाहते थे, उन्हे टिकट नहीं मिला। यादव राज्य महिला आयोग की चर्चित सदस्य के बेटे राहुल पाण्डेय के स्थान पर अमांपुर से वीरेंद्र सिंह सोलंकी को टिकट देना चाहते थे। 

 

आपको बता दें कि इसके साथ ही राज्य में समाजवादी पार्टी के भीतर 100 सीटों पर राजनीतिक उठापटक तेज होने के आसार हैं। हमारे सहयोगी इकनॉमिक टाइम्स के पास राज्य के चीफ मिनिस्टर ​अखिलेश यादव की तरफ से मुलायम सिंह यादव को सौंपी गई उनके 403 कैंडिडेट्स की पूरी लिस्ट मौजूद है। इस लिस्ट की तुलना जब मुलायम सिंह यादव की 325 कैंडिडेट्स वाली लिस्ट से की गई ​तो पता चला कि 218 उम्मीदवार ही मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की लिस्ट में कॉमन हैं।

 

इस लिहाज से देखा जाए तो मुलायम की लिस्ट के 107 उम्मीदवार ऐसे हैं, जो कि अखिलेश की लिस्ट में नहीं हैं। इन्हें अखिलेश का समर्थन हासिल नहीं है। कैंडिडेट्स की अलग-अलग लिस्ट होने से विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव से पहले गुटबाजी तेज हो सकती है।107 उम्मीदवारों को लेकर अखिलेश से अलग राय रखने के अलावा मुलायम सिंह यादव ने चुनाव पूर्व गठबंधन और सीएम कैंडिडेट को पेश किए जाने को लेकर भी अपने बेटे से मतभेद के संकेत दिए।

 

मुलायम सिंह ने कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन को तकरीबन खारिज करते हुए लखनऊ में कहा, 'समाजवादी पार्टी किसी के साथ गठबंधन नहीं कर रही है।' पार्टी सुप्रीमो ने आगामी चुनावों में अखिलेश यादव को सीएम उम्मीदवार घोषित करने से मना करते हुए पार्टी के भीतर चल रही आंतरिक लड़ाई को भी हवा दे दी।

 

समाचार एजेंसियों के मुताबिक, मुलायम ने सीएम कैंडिडेट के बारे में पूछे जाने पर कहा, 'समाजवादी पार्टी में किसी को सीएम कैंडिडेट पेश करने की परंपरा नहीं रही है। कुछ पार्टियां ऐसा करती हैं और इस प्रक्रिया में उन्हें धूल चाटनी पड़ती है। समाजवादी पार्टी में विधायक दल अपना नेता चुनता है।' दरअसल, मुलायम ने इस ऐलान के लिए अखिलेश की मौजूदगी को भी जरूरी नहीं समझा, जो बुधवार को उस वक्त झांसी में थे, जब उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की जा रही थी|

 

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