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Mamata Banerjee spent the night at secretariat uproar in Parliament

ममता ने सचिवालय में गुजारी रात, संसद में हंगामा

Published Date-03-Dec-2016 10:21:13 AM,Updated Date-03-Dec-2016, Written by- FirstIndia Correspondent

कोलकाता| पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार को कथित तौर पर बिना कोई सूचना दिए टोल प्लाजा पर सेना की तैनाती के विरोध स्वरूप प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार रात सचिवालय में गुजारी। इस मुद्दे पर शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों में हंगामा हुआ, जिसके कारण दोनों सदनों की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न हुआ। केंद्र सरकार तथा सेना ने आरोपों को बकवास करार देते हुए इसे नियमित सैन्य अभ्यास बताया।

 

तृणमूल कांग्रेस ने अपने मंत्रियों को कोलकाता स्थित राजभवन में धरने पर बैठने के लिए भेजा और सेना की तैनाती का वीडियो राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भेजा। इस दौरान ममता बनर्जी राज्य सचिवालय में ही रहीं, जहां उन्होंने शीर्ष नागरिक व पुलिस अधिकारियों से बातचीत की।

 

रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने लोकसभा में कहा कि सेना एक नियमित अभ्यास कर रही थी और राज्य सरकार तथा पुलिस को इसके बारे में पहले ही बता दिया गया था। पर्रिकर ने कहा, "यह सेना का नियमित अभ्यास था, जो बीते 15-20 सालों से होता रहा है। यह अभ्यास पिछले साल भी 19-21 नवंबर के बीच आयोजित किया गया था।"

 

उन्होंने कहा, "इस साल भी पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में ये सैन्य अभ्यास आयोजित किए जा रहे हैं। यह उत्तर प्रदेश और झारखंड में भी किया गया।"पर्रिकर ने कहा, "पहले फैसला किया गया था कि सैन्य अभ्यास 28-30 नवंबर के बीच होगा। लेकिन राज्य की पुलिस ने 28 नवंबर को बंद की वजह से इसकी तारीख बढ़ाने का अनुरोध किया। इसलिए सैन्य अभ्यास के लिए एक दिसंबर से तीन दिसंबर की तिथि निर्धारित की गई।"

 

उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर मामले के राजनीतिकरण का आरोप लगाया। वहीं कोलकाता में पूर्वी कमान ने मुद्दे पर स्थानीय पुलिस तथा सेना के बीच बातचीत से संबंधित दस्तावेजों को पेश किया।

 

जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल सुनील यादव ने कहा, "हम सारे आरोपों को मानहानि के साथ खारिज करते हैं।"सेना ने ममता बनर्जी के उन आरोपों को बेबुनियाद करार दिया, जिसमें उन्होंने कहा है कि सैन्यकर्मी वाहनों से पैसे वसूल रहे थे। उन्होंने कहा कि सेना विभिन्न राज्यों में महत्वपूर्ण प्रवेश बिंदुओं पर लोड कैरियर की उपलब्धता को लेकर सालाना तौर पर आंकड़ों को एकत्रित कर रही है। 

 

बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि वह तब तक सचिवालय से नहीं निकलेंगी, जबतक सेना को बाहर नहीं निकाला जाता। उन्होंने केंद्र सरकार पर पड़ोसी हावड़ा जिले में सचिवालय नाबन्ना से लगभग 500 मीटर की दूरी पर राजमार्ग के टोल प्लाजा पर सेना की तैनाती का आरोप लगाया।

 

उन्होंने कहा, "मैं लोकतंत्र को बचाने, लोकतांत्रिक रूप से चुनी अपनी सरकार को बचाने के लिए अभियान जारी रखूंगी।"आधी रात के तत्काल बाद पूर्वी कमान ने कहा कि नाबन्ना के निकट टोल प्लाजा से सेना को हटने के लिए कहा गया है, क्योंकि वह आंकड़े पहले ही इकट्ठा कर चुकी थी।

 

रात दो बजे ममता बनर्जी ने अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि वह रात नाबन्ना में ही गुजारेंगी। उन्होंने तर्क दिया कि सेना वापस आ सकती है। यह राजनीतिक ड्रामा गुरुवार शाम तब शुरू हुआ, जब ममता ने आरोप लगाया कि सरकार को बिना सूचना दिए राष्ट्रीय राजमार्ग 2 पर दुनकुनी तथा पालसित टोल प्लाजा पर सेना को तैनात कर दिया गया है।

 

यह जानने की मांग करते हुए कि क्या सैन्य तख्तापलट हुआ है, उन्होंने कहा, "इसका मकसद राजनीतिक, प्रतिशोधात्मक, असंवैधानिक, गैरकानूनी तथा अलोकतांत्रिक है।"यह मुद्दा शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों में उठा।राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार को इस बारे में पहले से सूचना नहीं दी गई थी।

 

आजाद ने कहा, "पश्चिम बंगाल में 19 स्थानों पर टोल प्लाजा पर सेना की तैनाती की गई। इस बारे में मुख्य सचिव, राज्य पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) को कोई सूचना नहीं दी गई। हम इसे समझ नहीं पा रहे हैं।"आजाद ने इस संबंध में सरकार से स्पष्टीकरण मांगा और मोदी से भी बयान की मांग की।तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सुखेंदु शेखर रॉय और बसपा प्रमुख मायावती ने भी आजाद का समर्थन किया।रॉय ने कहा कि यह लोगों के भीतर भय बैठाने का केंद्र सरकार का प्रयास है।

 

Mamata Banerjee, Secretariat, Parliament, Toll Plaza

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