prolonged negotiations of Akhilesh and Mulayam Singh yadav has fail

यूपी में नहीं थमती दिख रही पिता-पुत्र की तकरार, दोनों के बीच हुई लंबी बातचीत फेल

Published Date-03-Jan-2017 06:24:22 PM,Updated Date-03-Jan-2017, Written by- FirstIndia Correspondent

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाली विधानसभा चुनावों को लेकर चल रही सियासत की बयार के बीच सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके पिता समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के बीच सियासी खींचतान का आज भी कोई हल नहीं निकल पाया है। मंगलवार को दोनों के बीच चली करीब तीन घंटे की बातचीत के बाद भी दोनों गुटों में सुलह की कोशिश नाकाम हो गई है।


जानकारी के अनुसार, अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव के बीच आज हुई बातचीत में दोनों अपनी—अपनी शर्तों पर अड़े रहे, जिसके चलते बातचीत का कोई सार्थक नतीजा नहीं निकल पाया। इस दौरान जहां राज्य में टिकट बंटवारे को लेकर अखिलेश ने अपना एकाधिकार, अमर सिंह को पार्टी से निकालने और शिवपाल सिंह यादव को यूपी के प्रदेश अध्यक्ष पद पर से हटाने की बात पर अड़े रहे, वहीं मुलायम इन शर्तों पर राजी नहीं हुए।


वहीं दूसरी ओर, अखिलेश गुट के रामगोपाल सिंह यादव ने पार्टी में किसी तरह की सुलह की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। रामगोपाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी में अब कोई समझौता नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि हम अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में ही राज्य में चुनाव लड़ेंगे। रही बात चुनाव चिन्ह की तो इसका फैसला चुनाव आयोग को करना है।


सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश ने मुलायम से कहा है कि शिवपाल यादव को प्रदेश की राजनीति से दूर रखा जाए, वहीं इसके लिए उन्हें केंद्र की राजनीति में भेजने का सुझाव दिया। अखिलेश ने अमर सिंह को पार्टी से बाहर निकालने की मांग भी दोहराई है। मुलायम की नाराजगी का शिकार हुए रामगोपाल यादव को भी लेकर अखिलेश ने शर्त रखी है। अखिलेश ने मुलायम से मांग की है कि रामगोपाल को फिर से पार्टी में जगह और अधिकार दिए जाएं।

 

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