Samajwadi party s symbol war moves to election commission

फैसला नहीं हुआ तो जब्त हो सकता है 'साइकिल' चुनाव चिन्ह, दोनों को मिलेगा टेम्परेरी सिम्बल

Published Date-03-Jan-2017 12:29:40 PM,Updated Date-03-Jan-2017, Written by- FirstIndia Correspondent

पहले चुनावी उम्मीदवार ओर अब पार्टी चिन्ह, समाजवादी पार्टी में #AkhileshvsMulayam की जंग विराम लेने का नाम नहीं ले रही| गौरतलब हो सोमवार को मुलायम सिंह ने चुनाव आयोग पहुंचकर 'साइकिल' चुनाव चिन्ह पर दावा ठोका था और आज मंगलवार सुबह अखिलेश यादव खेमे के रामगोपाल यादव चुनाव आयोग में ऐसा ही दावा ठोकने के लिए निकल गए हैं। सपा के दोनों धड़े साइकिल चुनाव चिह्न को अपने पाले में करने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सच यह भी है कि मुख्यमंत्री अख‍िलेश ने इस मामले में अपना प्लान बी यानी दूसरा विकल्प तैयार कर लिया है|

 

जानकारी के मुताबिक अगर उनके उम्मीदवारों को साइकिल चुनाव चिह्न नहीं मिलता, तो वह स्वर्गीय चंद्रशेखर की समाजवादी जनता पार्टी का सिम्बल ले सकते हैं| गौरतलब है कि चुनाव आयोग द्वारा साइकिल चुनाव चिह्न को फ्रीज करने के आसार भी जताए जा रहे हैं| स्वर्गीय प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पार्टी उत्तर प्रदेश में 'पेड़' चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ती रही है| SJP-R के मौजूदा अध्यक्ष कमल मोरारका ने उत्तर प्रदेश में अख‍िलेश के उम्मीदवारों को अपना सिम्बल देने की पेशकश भी कर दी है|

 

अखिलेश खेमे के एक सपा नेता ने इसकी पुष्ट‍ि करते हुए कहा, 'हमने यह सुना है कि कमल मोरारका ने अखिलेश यादव से इस बारे में बातचीत की है| वैसे हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग हमारे पक्ष में आदेश देगा, क्योंकि हमारी बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के ज्यादातर सदस्य और विधायक मौजूद थे|' अख‍िलेश खेमे के जो नेता मोरारका के संपर्क में हैं, उनका चंद्रशेखर से भी जुड़ाव रहा है| गौरतलब है कि SJP-R के संस्थापक चंद्रशेखर अपने निधन 8 जुलाई, 2007 तक इस पार्टी के अध्यक्ष रहे| वह इस पार्टी के एकमात्र सांसद थे||

 

Bihar, Samajwadi party, Akhilesh yadav, Mulayam singh, Party symbol, Kiranmay nanda, Forgery

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Recommendation