5000 year old untold story of barsana and nandgaon

5000 साल पुरानी मान्यता, राधा के बरसाने में कान्हा के नंदगांव से नहीं आती बारात

Published Date-01-Dec-2016 12:01:44 PM,Updated Date-01-Dec-2016, Written by- FirstIndia Correspondent

एक धार्मिक मान्यता है कि बरसाना और नंदगांव में 5000 साल से कोई विवाह संबंध नहीं हुआ है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, राधा बरसाना की रहने वाली थीं जबकि कृष्ण नंदगांव के थे। नंदगांव के हर लड़के को कृष्ण के सखा और बरसाना की हर लड़की को राधा के रूप में माना जाता है। इसीलिए दोनों गांव के बीच लोगों में वैवाहिक रिश्ते नहीं होते हैं।

 

वर्तमान में बरसाना के बुजुर्ग नंदगांव को राधा की ससुराल भी मानते हैं। आलम यह कि वे नंदगांव का पानी भी नहीं पीते हैं। बरसाना और नंदगांव के महिला-पुरूषों के बीच आपसी संबंध में कोई किसी की बहन होगी तो कोई बुआ, ऐसे में विवाह संबंध करने का कोई सवाल ही नहीं। दोनों गांवों के बीच सिर्फ राधा कृष्ण के अलौकिक प्रेम संबंध निभाए जाते हैं।

 

उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा जिले में है नंदगांव। यह नंदीश्वर नामक सुन्दर पहाड़ी पर बसा हुआ है। किंवदंती के अनुसार यह गांव भगवान कृष्ण के पिता नंदराय द्वारा एक पहाड़ी पर बसाया गया था। इसी कारण इस स्थान का नाम नंदगांव पड़ा। वहीं, मथुरा जिले की छाता तहसील और यहां का नंदगांव ब्लाक में बरसाना है।

 

यह एक क़स्बा और नगर पंचायत है। बरसाना का प्राचीन नाम वृषभानुपुर है। कहते हैं कि भगवान श्री कृष्ण की सबसे प्रिय गोपी राधा बरसाना की ही रहने वाली थीं। यहां श्री राधावल्ल्भ मंदिर भी मौजूद है। राधा का जिक्र पद्म पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण में भी मिलता है। पद्म पुराण के अनुसार राधा वृषभानु नामक गोप की पुत्री थीं।

 

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