महज इस एक मंत्र को जपने से मिलेगा संपूर्ण रामायण पढ़ने का फल

Published Date 2016/10/20 19:54, Written by- FirstIndia Correspondent

सदियों गुजर जाने के बाद भी रामकथा भारतीय सांस्कृतिक चेतना का केन्द्र बिन्दु बनी हुई है। रामकथाओं में भी सर्वाधिक प्राचीन महर्षि बाल्मीकी कृत रामायण का विशेष महत्व है। धर्म शास्त्रों के अनुसार रामायण का पाठ करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और पाप का नाश हो जाता है। 


लेकिन वर्तमान समय में संपूर्ण रामायण पढने का समय शायद ही किसी के पास हो। ऐसे में नीचे लिखे एक मंत्र के नित्य जप से संपूर्ण रामायण पढने का फल प्राप्त हो जाता है। इस मंत्र को एक श्लोकी रामायण भी कहते हैं। 


मंत्र : आदि राम तपोवनादि गमनं, हत्वा मृगं कांचनम्। वैदीहीहरणं जटायुमरणं, सुग्रीवसंभाषणम्।। बालीनिर्दलनं समुद्रतरणं, लंकापुरीदाहनम्। पश्चाद् रावण कुम्भकर्ण हननम्, एतद्धि रामायणम्।। 


जप विधि : 

  • सुबह जल्दी नहाकर, साफ वस्त्र पहनकर भगवान श्रीराम के चित्र का विधिवत पूजन करें।
  • भगवान श्रीराम के चित्र के सामने आसन लगाकर रुद्राक्ष की माला लेकर इस मंत्र का जप करें। प्रतिदिन पांच माला जप करने से उत्तम फल मिलता है। 
  • आसन कुश का हो तो अच्छा रहता है। 
  • एक ही समय, आसन व माला हो तो यह मंत्र जल्दी ही सिद्ध हो जाता है।

 

 

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