Live Tv

11.7°С
Jaipur

Breaking News

Importance and poojan vidhi of anant chaturdashi vrat

अनंत चतुर्दशी पर ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा..

Published Date-15-Sep-2016 01:18:58 PM,Updated Date-15-Sep-2016, Written by- FirstIndia Correspondent

हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि संसार को चलाने वाले प्रभु कण-कण में व्याप्त हैं। ईश्वर जगत में अनंत रूप में विद्यमान हैं। दुनिया के पालनहार प्रभु की अनंतता का बोध कराने वाला एक कल्याणकारी व्रत है, जिसे 'अनंत चतुदर्शी' के रूप में मनाया जाता है।

 

भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी को 'अनंत चतुर्दशी' कहा जाता है। इस दिन अनंत भगवान (श्रीहरि) की पूजा करके बांह पर अनंत सूत्र बांधा जाता है। भक्तों का ऐसा विश्वास है कि अनंत सूत्र धारण करने से हर तरह की मुसीबतों से रक्षा होती है। साथ ही हर तरह से साधकों का कल्याण होता है।

 

ऐसी मान्यता है कि महाभारत काल से इस व्रत की शुरुआत हुई। जब पांडव जुए में अपना राज्य गवांकर वन-वन भटक रहे थे, तो भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें अनन्त चतुर्दशी व्रत करने को कहा। कष्टों से मुक्त‍ि पाने के लिए धर्मराज युधिष्ठिर ने अपने भाइयों व द्रौपदी के साथ इस व्रत को किया। तभी से इस व्रत का चलन शुरू हुआ।

 

व्रत करने वाले श्रद्धालु भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण रूप की पूजा करते हैं। अनंत स्वरूप चौदह गांठों वाले अनंत सूत्र की विधिपूर्वक पूजा करने और व्रत की कथा सुनने के बाद इसे बांहों पर बांधा जाता है। पूजा के बाद पुरुष सूत्र को अपने दाहिने हाथ पर, जबकि स्त्रि‍यां बाएं हाथ पर बांधती हैं।

 

Poojan, Anant Chaturdashi Vrat, Fast, Festival

Related Stories in City

Relate Category

Poll

क्या पुलिस की ढिलाई के कारण महिलाओं से अपराध बढे हैं?

A Yes
B No

Thought of the day

मूर्खों से तारीफ सुनने से बेहतर है कि आप बुद्धिमान इंसान से डांट सुन ले ~ चाणक्य

Horoscope