Kosir was the maine center of Ramayana

रामायण का प्रमुख केंद्र था कोसीर

Published Date-22-Oct-2016 01:14:50 PM,Updated Date-22-Oct-2016, Written by- FirstIndia Correspondent

रामायण काल में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के पास स्थित कोसीर प्रमुख केंद्र रहा है। श्रीराम का ननिहाल भी छत्तीसगढ़ ही था। रावण-वध के बाद श्रीराम अयोध्या के चक्रवर्ती सम्राट बने। उन्होंने कोसल और दंडकारण्य राज्य भी रावण-वध के बाद ही जीते थे। छत्तीसगढ़ के इन दो राज्यों के सुचारु संचालन के लिए भगवान श्रीराम ने एक नई राजधानी कुशावती में बनाई थी। शोध के अनुसार, कोसीर (सारंगगढ़) नामक स्थान है।

 

छत्तीसगढ़ में राम राज्य अभियान के अध्यक्ष राधाकृष्ण गुप्ता एवं संस्थापक डॉ. मन्नूलाल यदु ने यहां शुक्रवार को प्रेसक्लब में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि चक्रवर्ती सम्राट की गद्दी अयोध्या के बाद छत्तीसगढ़ के कोसीर आ गई। रामजी के बाद उनके ज्येष्ठ पुत्र कुश ने अपनी इसी राजधानी से अपने राज्य का संचालन किया था। उनके 60 पीढ़ी के राजाओं ने भी यहीं राजकाज किया था।

 

यदु ने कहा कि रामायण का प्रमुख केंद्र कोसीर है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री डॉ. महेश शर्मा से 19 अक्टूबर को मुलाकात कर अध्यक्ष राधाकृष्ण गुप्ता ने छत्तीसगढ़ में राम-इतिहास की विस्तृत जानकारी दी। छत्तीसगढ़ का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में कोसीर की पहचान बनाने के लिए राधाकृष्ण गुप्ता ने निर्णय लिया कि कोसीर के समीपवर्ती रायगढ़, महासमुंद, बलौदाबाजार और जांजगीर-चांपा जिले में प्रारंभिक स्तर पर विशेष प्रचार-प्रसार किया जाए। इसी कड़ी में 23 अक्टूबर को कोसीर में एक विशेष सभा बुलाई गई है|

 

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