सभी देवताओं के साथ शनि देव भी गए थे बाल कृष्ण के दर्शन के लिए, लेकिन यशोदा ने नहीं दी मिलने की अनुमति

Published Date 2016/11/05 14:00, Written by- FirstIndia Correspondent

शनि देव को भगवान श्री कृष्ण का भक्त माना जाता हैं| ऐसी कहा जाता है कि शनि महाराज ने कृष्ण के दर्शनों के लिए कठोर तपस्या की थी| शनि की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान श्री कृष्ण ने इसी वन में कोयल के रुप में शनि महाराज को दर्शन दिए थे और इसलिए यह स्थान आज कोकिला वन के नाम से जाना जाता है| जब श्री कृष्ण ने जन्म लिया तो सभी देवी-देवता उनके दर्शन करने नंदगांव पधारे परंतु मां यशोदा ने उन्हें नंदलाल के दर्शन करने से मना कर दिया क्योंकि मां यशोदा को डर था कि शनि देव कि वक्र दृष्टि कहीं कान्हा पर न पड़ जाए| परंतु शनिदेव को यह अच्छा नहीं लगा और वो निराश होकर नंदगांव के पास जंगल में आकर तपस्या करने लगे|

 

भगवान् श्री कृष्ण शनि देव कि तपस्या से द्रवित हो गए और शनि देव के सामने कोयल के रूप में प्रकट हो कर कहा  हे शनि देव यह बृज-क्षेत्र मुझे परम प्रिय है और मैं इस पवित्र भूमि को सदैव आप जैसे सशक्त-रक्षक और पापिओं को दंड देने में सक्षम कर्तव्य-परायण शनि देव कि क्षत्र-छाया में रखना चाहता हूँ| इसलिए हे शनि देव आप मेरी इस इच्छा को सम्मान देते हुए इसी स्थान पर सदैव निवास करो, क्योंकि मैं यहाँ कोयल के रूप में आप से मिला हूँ इसीलिए आज से यह पवित्र स्थान “कोकिलावन” के नाम से विख्यात होगा| यहाँ कोयल के मधुर स्वर सदैव गूंजते रहेंगे, आप मेरे इस बृज प्रदेश में आने वाले हर प्राणी पर नम्र रहें साथ ही कोकिलावन-धाम में आने वाला आप के साथ–साथ मेरी भी कृपा का पात्र होगा|

 

Shani dev, Religion, Shani dev mandir, Kokilavan, Prayer of god, Little krishna, Mythology

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

Stories You May be Interested in


Most Related Stories


-------Advertisement--------