सावधान! धुआं और धूल निकाल रहे फेफड़े का दम

Published Date 2016/11/16 13:10, Written by- FirstIndia Correspondent

सिगरेट का कश धीरे- धीरे लोगों को मौत के मुहाने पर ले जा रहा है। पाल्यूशन भी अपनी हद लांघ चुका है। यह दोनों जानलेवा बीमारी क्रॉनिक आब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी)) का बड़ा कारण है। एक बार इस बीमारी के शिकंजे में आने के बाद मरीजों को बड़ी मुश्किलों से गुजरना पड़ता है।

 

दुनिया भर में होने वाली मौत का तीसरा प्रमुख कारण सीओपीडी है। 50 वर्ष से अधिक आयु के मौत के आंकड़ों में भारत दूसरे स्थान पर है। यह फेफड़ों से संबंधित गंभीर रोग है, जो दुनिया भर में पांचवां सबसे घातक रोग बन गया है।

 


-कैसे करे इसका बचाव :

-धूम्रपान और किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन छोड़ना जरूरी।
-वर्तमान में इनहेलर्स ही इसकी प्रमुख दवा है। मुख्य तौर पर टायोट्रोपियम, इप्राट्रोपियम, साल्मेट्रोल और फार्मेट्रोल नामक दवाइयां इनहेलर्स के जरिए मरीज को राहत पहुंचाती हैं।
-सर्दियों की शुरुआत में फेफड़े का संक्रमण तेजी से बढ़ता है, इसे एक्यूट इक्सासरबेशन (बीमारी की तीव्रता का बढ़ जाना) कहते हैं।
-सड़कों पर वाहन चलाते समय मास्क का उपयोग करना चाहिए।
-सांस फूलना, बलगम आना, थकान आदि लक्षण होने पर तत्काल डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।

 

COPD Increase Due Polution

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

Stories You May be Interested in


Most Related Stories


-------Advertisement--------



-------Advertisement--------