a widow is fighting for the rights of her died husband

पति के हक की लड़ाई लड़ रही बेवा, शिक्षा विभाग के चक्‍कर काट टूटी न्‍याय की आस

Published Date-17-Mar-2017 05:50:24 PM,Updated Date-17-Mar-2017, Written by- Ramesh Sharma

सीकर। सीकर के महरोली गांव की एक बेवा अपने पति के हक की जंग शिक्षा विभाग से कई सालों से लड़ रही है, लेकिन अभी तक उसे कहीं से न्‍याय नहीं मिला है। महरोली गांव की बेवा हवा कंवर के पति बजरंग सिंह शिक्षा विभाग के राजकीय उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय उदयपुरिया में एनडीएसआई पद पर तैनात थे। 11 फरवरी 1996 को बजरंग सिंह का देहांत हो गया। बजरंग सिंह के समतुल्‍य पद पर कार्यरत एनडीएसआई पद पर कनिष्‍ठ कर्मचारियों को पीटीआई सैकेंड ग्रेड का लाभ दे दिया गया, लेकिन बजरंगसिंह को नहीं दिया गया।


बजरंग सिंह के देहांत के बाद बेवा हवा कंवर ने शिक्षा विभाग से पति के कार्यकाल के दौरान पीटीआई सैकेंड्र ग्रेड का परिलाभ देने को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने 12 सितम्‍बर 2012 को शिक्षा विभाग को कनिष्‍ठ को दिए गए परिलाभ तथा 1 मार्च 1973 के राज्‍य सरकार के एनडीएसआई पद को पीटीआई में समायोजित करने के आदेश का हवाला देते हुए शिक्षा विभाग को हवा कंवर को परिलाभ देने के आदेश दिए। शिक्षा विभाग ने पूरे प्रकरण की जांच कर बजरंग सिंह को पात्र मानते हुए परिलाभ देने के आदेश भी कर दिए हैं, लेकिन इतने साल बीतने के बाद भी हवा कंवर को परिलाभ नहीं दिया गया है। 


हवा कंवर का कहना है कि उसने मुख्‍यमंत्री से लेकर शिक्षा विभाग के सभी दफतरों के चक्‍कर काट लिए हैं, लेकिन अभी तक उसे न तो कहीं से कोई न्‍याय मिला है और न ही किसी तरह का परिलाभ दिया गया है। बहरहाल, ऐसे में अब हवा कंवर का उम्र के इस पड़ाव में पहुंचकर सरकारी दफ्तरों के चक्‍कर काटने का हौसला जवाब देने लगा है। हवा कंवर ने पति बजरंग सिंह के परिलाभ देने की मांग की है।

 

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