अनदेखी का आलम : 4 घंटे में 3 जगह काटे फीते, गोशाला के हाल देखने की नहीं फुर्सत

Published Date 2017/02/17 18:33, Written by- FirstIndia Correspondent

सिरोही। शहर की अर्बुदा गौशाला में एक ही दिन में पांच और पिछले तीन माह से रोजाना तीन से चार गायों की मौत के मामला सामने आने के बावजूद गोपालन राज्य मंत्री और स्थानीय विधायक ने गौशाला में जाना मुनासिब नहीं समझा। जबकि गुरुवार को वे सिरोही शहर में ही थे और करीब चार घंटे तक यहां रहकर तीन अलग-अलग कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। खास बात ये है कि इस गौशाला के सामने से वे दो बार गुजरे और महज पांच मिनिट की दूरी और तय करते तो गौशाला पहुंच सकते थे।


गौरतलब है कि अर्बुदा गौशाला सरकारी गौशाला है और यहां लगातार बदइंतजामियां सामने आती रही है। गत जुलाई—अगस्त माह में ही यहां एक महीने के दौरान करीब 37 गायों की मौत हुई थी। इसके बाद अब एक बार फिर यह मामला सामने आया है। जब गोपालन मंत्री से पूछा गया कि क्या उन्हें गौशाला नहीं जाना चाहिए था, तो मंत्री का जवाब था कि वे जाना तो चाहते थे, लेकिन समय नहीं मिल पाया। इस बीच गुरुवार को ही गौशाला संचालक समिति की बैठक हुई, लेकिन इस बैठक में भी कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया, बल्कि पहले जो भी निर्णय लिए गए, उनमें से एक भी अब तक पूरा नहीं हो पाया है।


उल्लेखनीय है कि भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में गौ—संवर्धन का मुद्दा 27 मुद्दों में से दूसरे नंबर पर था, जिसमें गायों के हित के लिए 17 घोषणाएं की गई थी। इनमें से पहले नंबर पर थी, गोपालन मंत्रालय का गठन। यह घोषणा तो पूरी हो गई और मंत्रालय मिला स्थानीय विधायक ओटाराम देवासी को, लेकिन उनके ही क्षेत्र में गायें बेसहारा भी हैं और भूख-प्यास से मर भी रही हैं। जब मीडिया ने इस बारे में कैमरे के सामने बोलने के लिए कहा तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। 

 

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