भीलवाड़ा जिले में नही थम रहा अंधविश्वास का खेल

Published Date 2018/06/09 12:48, Written by- FirstIndia Correspondent

भीलवाड़ा। भीलवाड़ा जिले में अंधविश्‍वास का खेल रूकने का नाम ही नहीं ले रहा है। जिसका खामियाजा मासूमों को दर्द और अपनी जान देकर चूकाना पड रहा है। अं‍धविश्‍वास में अंधे हुए परिजन भोपा और औझों के चक्‍कर में पड़कर मासूम बालकों को गर्म सलाखों से दगवा रहे है।

ऐसा ही एक वाक्‍या आज शुक्रवार को भीलवाड़ा जिले के महात्‍मा गांधी चिकित्‍सालय में सामने आया। जहां करेडा थाना क्षेत्र के उना का बाडियां निवासी नारायण लुहार का मासूम बेटा बीते 4 दिन से नमोनियां से ग्रस्‍त था। एक साल के मासूम बेटे को परिजन हॉस्‍पीटल ले जाने की जगह कथित धर्मस्‍थल पर भोपे के पास ले गये। जहां ईलाज के नाम पर मासूम को भोपे ने गर्म सलाखो से दाग दिया। बालक की दागने के बावजूद तबियत में सुधार नहीं हुआ उल्‍ट मासूम की हालत बिगडने लगी। इस पर परिजन उसे पहले भीम चिकित्‍सालय ले गये। जहां चिकित्‍सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद भीलवाडा रैफर कर दिया। पिता नारायण लुहार अपने बेटे छानू को मॉं धापू के साथ महात्‍मा गांधी चिकित्‍सालय लेकर पहुंचा। जहां डॉ.सरिता काबरा ने जांच के बाद उसे शिशू वार्ड में भर्ती कर लिया।

बाल कल्याण समिति अध्यक्ष डॉ. सुमन त्रिवेदी ने कहा कि गांवों में अशिक्षा के कारण ऐसे मामले सामने आ रहा है। यह डांव भोपा द्वारा लगाया जाता है तो हम इसके लिए अब भोपाओं को एकत्रित करके उनकी बैठक लेकर उन्‍हे समझाया जायेगा कि डांव लगाने से कभी बच्‍चों का स्‍वास्‍थ्‍य ठिक नहीं होता है।
 

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