बसंत पर यहां मां सरस्वती की नहीं बल्कि महाकाली की होती है पूजा, वजह जानकार रह जाएंगे दंग

Published Date 2018/01/23 02:34,Updated 2018/01/23 02:57, Written by- FirstIndia Correspondent

समूचे भारत में बसंत पंचमी को मां शारदे यानी देवी सरस्वती और भगवान कामदेव की पूजा होती है। लेकिन हमारे ही देश में एक जगह ऐसी भी है जहां बसंत पंचमी पर ज्ञान की देवी सरस्वती या उमंग के देवता कामदेव की नहीं बल्कि पापियों का विनाश करने वाली देवी महाकाली की पूजा होती है। यह जगह शक्तिपीठ के नाम से बिहार के बांका जिले के बाराहाट में स्थित है। गावं में माता काली का एक मंदिर भी है, जहां लोग बड़े ही श्रद्धा के साथ उनकी पूजा अर्चना करते है। 

बसंत पंचमी के दिन भव्य भंडारे का होता है आयोजन 

इस मंदिर में बसंत पंचमी के दिन गजब की रौनक देखने को मिलती है। लोग दूर दूर से आज के दिन माता काली के दर्शन के लिए आते हैं। उनका कहना है कि बसंत को नई शुरुआत का प्रतिक माना गया है लेकिन नई शुरआत तभी हो सकती है जब हम अपने मन की सभी बुरी इक्षाओं, आकांक्षाओं और क्रोध का त्याग कर दे। माता काली हर बुराई को ख़त्म कर देती है। 
बसंत पंचमी के दिन यहां भंडारे का आयोजन किया जाता है इस भंडारे को वार्षिक भंडारा भी कहा जाता है। 

पूजा के पीछे यह है लोगों की मान्यता 

यहां के निवासियों की मान्यता है कि इस गांव को माता काली से आशीर्वाद प्राप्त है। यहां आने वाले हर श्रद्धालु पर माता अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखती है और उसे हर मुसीबत और बुरे संकट से बचाती है।

कहा जाता है कि पौराणिक काल में इस गांव में बहुत ही भारी अकाल पड़ा था। लोग अन्न के एक एक दाने के लिए तरस रहे थे। हालात इतने बुरे थे कि लोगों ने गांव से पलायन करना शुरू कर दिया। इसी दौरान किसी ग्रामीण ने माता काली की पूजा अर्चना की थी। 

जिससे प्रसन्न होकर मां काली खुद चलकर गांव में आई। माता ने लोगों को सभी दुखों और पीड़ाओं से मुक्त कर दिया। भंडारे का आयोजन उसी घटना के याद में किया जाता है।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

Stories You May be Interested in


loading...

Most Related Stories


-------Advertisement--------



-------Advertisement--------