इस रॉकेट के जरिये काटरेसैट-2 के साथ 28 विदेशी उपग्रहों का भी प्रक्षेपण किया गया, जिनमें अमेरिका और फिनलैंड के उपग्रह शामिल हैं। इसके साथ ही दो अन्य भारतीय उपग्रह-पांच किलो वजनी नैनो अंतरिक्ष यान और लगभग 100 किलो वजनी सूक्ष्म उपग्रह शामिल हैं। सभी 31 उपग्रहों का वजह 1323 किलोग्राम है। इसरो के चेयरमैन एएस किरन कुमार ने कहा कि इस मिशन में सब कुछ योजना के मुताबिक चला और हम सभी 30 सैटलाइट्स को अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित करने में सफल रहे हैं।

वहीं इसरो की इस शानदार सफलता पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी बधाई दी है। पी मोदी ने बधाई देते हुए कहा कि मैं इसरो और उसके वैज्ञानिकों को पीएसएलवी की सफल लॉन्चिंग के लिए दिल से बधाई देता हूं। नए साल में यह सफलता देश को स्पेस टेक्नॉलजी में बहुत आगे ले जाएगी। इससे देश के नागरिकों, किसानों और मछुआरों आदि को लाभ होगा।

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इसरो ने लगाई अंतरिक्ष में सैटेलाइट की सेंचुरी, देश का 100वां सेटेलाइट किया लॉन्च

Published Date 2018/01/12 01:19, Written by- FirstIndia Correspondent

श्रीहरिकोटा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने आज अंतरिक्ष में सैटेलाइट की सेंचुरी लगाई है, जिसके तहत इसरो ने देश का 100वां सेटेलाइट लॉन्च कर अंतरिक्ष की ओर रवाना कर दिया है। इसरो की ओर से पीएसएलवी सी-40 रॉकेट के जरिए लॉन्च किए गए 31 सैटलाइट्स में 28 विदेशी और 3 स्वदेशी उपग्रह शामिल हैं। विदेशी सैटलाइट्स की बात की जाए तो इनमें कनाडा, फिनलैंड, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अमेरिका के उपग्रह शामिल हैं। यह इसरो के सबसे लंबे मिशनों में से एक है।

अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में तमाम कीर्तिमान अपने नाम कर चुके इंडियन स्पेस रिसर्च अॉर्गनाइजेशन (ISRO) ने शुक्रवार को एक और बड़ा रिकॉर्ड कायम करते हुए सफलतापूर्वक 100वां उपग्रह लॉन्च किया है। इसरो ने एक साथ सफलतापूर्वक 31 सैटलाइट्स लॉन्च किए। सभी सैटलाइट्स अंतरिक्ष की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हो गए। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से सुबह 9.29 मिनट पर ये सैटलाइट छोड़े गए।
 
पीएसएलवी-सी40 रॉकेट का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह नौ बजकर 28 मिनट पर अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपण किया गया, जो बादलों से भरे आसमान को चीरता हुआ अपने गंतव्य की ओर बढ़ गया। 44.4 मीटर ऊंचे ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी-सी40) ने 28 घंटों की उल्टी गिनती के बाद शुक्रवार सुबह 9.29 बजे उड़ान भरी। प्रक्षेपण के लगभग 17 मिनट और 18 सेकंड के बाद 320 टन वजनी रॉकेट से एक-एक करके उपग्रह अलग होते जाएंगे और यह उन्हें पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित करेगा।

इस रॉकेट के जरिये काटरेसैट-2 के साथ 28 विदेशी उपग्रहों का भी प्रक्षेपण किया गया, जिनमें अमेरिका और फिनलैंड के उपग्रह शामिल हैं। इसके साथ ही दो अन्य भारतीय उपग्रह-पांच किलो वजनी नैनो अंतरिक्ष यान और लगभग 100 किलो वजनी सूक्ष्म उपग्रह शामिल हैं। सभी 31 उपग्रहों का वजह 1323 किलोग्राम है। इसरो के चेयरमैन एएस किरन कुमार ने कहा कि इस मिशन में सब कुछ योजना के मुताबिक चला और हम सभी 30 सैटलाइट्स को अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित करने में सफल रहे हैं।

वहीं इसरो की इस शानदार सफलता पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी बधाई दी है। पी मोदी ने बधाई देते हुए कहा कि मैं इसरो और उसके वैज्ञानिकों को पीएसएलवी की सफल लॉन्चिंग के लिए दिल से बधाई देता हूं। नए साल में यह सफलता देश को स्पेस टेक्नॉलजी में बहुत आगे ले जाएगी। इससे देश के नागरिकों, किसानों और मछुआरों आदि को लाभ होगा।

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