6 माह से मानदेह को तरस रही है 2 हजार पोषाहार पकाने वाली, उधार मांग कर खरीद रही है मिर्च-मसाले

Published Date 2016/10/01 14:59, Written by- FirstIndia Correspondent

करौली। करौली में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते बजट होने के बाद भी स्कूलों में पोषाहार पकाने वाली जिले की करीब दो हजार महिलाऐं पिछले 6 माह से मानदेय के लिए तरस रही हैं। वहीं कन्वर्जन राशि का भुगतान नहीं करने से स्कूल के अध्यापकों को पोषाहार पकाने के लिए मिर्च, मसाला व अन्य सामग्री उधार में खरीदनी पड रही है।

 

मिड डे मील कार्यक्रम के तहत कुक कम हैल्पर को सरकार एक हजार रूपये प्रतिमाह के हिसाब से मानदेय का भुगतान करती है। इसके लिए नए वित्तीय सत्र की शुरूआत में बजट पीडी खाते में सरकार ने डाल दिया। लेकिन जिला परिषद व शिक्षा विभाग प्रारंभिक के अधिकारी कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके हैं। इस कारण छह माह गुजर जाने के बाद भी कुक कम हैल्पर को मानेदय नहीं मिला है। भुगतान के अभाव में ये महिलाऐं आर्थिक तंगी से जूझ रही है।

 

इसी प्रकार पोषाहार पकाने के लिए तेल, मिर्च, मसाला व अन्य व्यवस्थाओं के लिए कन्वर्जन राशि के तहत बजट दिया जाता है। लेकिन पिछले 6 माह से कन्वर्जन राशि का भुगतान नहीं किया है जिससे अध्यापकों को अब उधारी में दुकानों से मिर्च मसाले खरीदने पड रहे हैं। उधारी बढने से दुकानदार भी अब सामान देने में आना कानी करने लगे हैं जिससे आये दिन पोषाहार व्यवस्था बाधित हो रही है।

 

मामले पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कहना है कि पूर्व में मिड डे मील की माॅनीटरिंग जिला परिषद के माध्यम से होती थी लेकिन अब इसे शिक्षा विभाग को सौंप दिया है। दोनों विभागों के बीच रिकार्ड व बजट की व्यवस्थाऐं ठीक नहीं होने से भुगतान प्रभवित हो रहा है जिसे जल्द ठीक करने के प्रयास किए जा रहे हैं

 


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