BLACK FRIDAY : 12 बम धमाके और 257 की मौत, 700 से ज़्यादा ज़ख़्मी, 25 साल बाद भी नहीं मिला इंसाफ

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/03/12 12:09

मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी हमेशा से आतंक और आतंकवादियों के निशाने पर रही है। आतंकवादियों ने हमेशा यह माना है कि देश को डराने और सरकार को धमकाने के लिए मुंबई से अच्छा शहर कोई नहीं है। शायद यही कारण है कि राष्ट्र को जब भी नुकसान पहुंचाने की साजिश की गई, उसका खामियाजा मुंबई को भुगतना पड़ा। 

अपने ही घर में अपने ही लोग आग लगा सकते हैं या घर के खिलाफ षड़यंत्र में दुश्मनों का साथ दे सकते हैं, इस बात की साक्षी मुंबई कई बार बनी है। 12 मार्च 1993 का दिन इतिहास के हवाले से आज भी यह चीखते हुए कहता है कि इंसान दरिंदा हो सकता है और मानव के जीते जी मानवता मर सकती है। 

आज ही के दिन मुंबई में 12 बम धमाके हुए थे, जिसमें 257 लोगों की मौत हो गई थी और 700 से ज़्यादा लोग बुरी तरह ज़ख़्मी हो गए थे। शहर थरथरा गया था, देश काँप गया था और दुनियां हिल गई थी। शांतिप्रिय देश में दहशत ठहाके मारकर हंस रही थी, कानून बेबस और लाचार थी। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था यह क्या हो रहा है और क्यों हो रहा है। 

बाद में अदालत ने अपनी तरफ से पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाते हुए 100 आरोपियों को दोषी क़रार दे दिया, जबकि 12 को फांसी की सज़ा सुनाई गई। याक़ूब मेमन को आखिरकार फांसी हो भी गई, लेकिन मामले की बड़ी मछलियां फरार होने में सफल रही। दाऊद इब्राहिम, टाइगर मेमन समेत 33 अब भी कानून के गिरफ्त से कोसो दूर हैं। जबकि पुर्तगाल से प्रत्यर्पण संधि होने के कारण कोर्ट सलेम को फांसी या आजीवन कारावास की सजा देने में असमर्थ है। 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

जेल से चुनाव लड़ेगा \'शंभू\'! | Election Express

भाजपा का हाथ थम सकतें हैं विश्वेन्द्र सिंह? | Election Express
इंद्रेश का \'कैलाश\' में राम का \'संकल्प\' | Election Express
कांग्रेस में नहीं थमा CM फेस विवाद, अब बोले राहुल के करीबी भंवर जितेंद्र | Election Express
ट्रिपल तलाक़ के ज़रिए, सरकार का डबल अटैक | अध्यादेश मजबूरी या ज़रूरत ?
पुलिसकर्मी-अफसरों की 10 गुना तक बढ़ाई गई बीमा राशि
1st इंडिया न्यूज़ के चैनल हैड जगदीश चंद्र ने किया डांडिया महारास के पोस्टर का विमोचन
AICC चीफ राहुल गांधी कल फिर आएंगे राजस्थान, डूंगरपुर के सागवाड़ा में करेंगे जनसभा