50 फीसदी महिलाएं प्रेग्नेंसी के बाद इसलिए छोड़ देती हैं नौकरी

Published Date 2018/06/07 06:42, Written by- FirstIndia Correspondent

नई दिल्ली। आजकल महिलाएं जहां पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर चलते हुए खुद को साबित कर रही हैं, वहीं महिलाओं के कंधों पर पहले घर और बाद में नौकरी और उसके बाद फिर घर जाकर कामकाज की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में इन सबके बीच तालमेल बैठाना थोड़ा मुश्किल होता है। देश में 50 फीसदी महिलाएं महज 30 साल की आयु में बच्चों की देखभाल के लिए नौकरी छोड़ती है। इसके अलावा भी महिलाओं को परिवार का सहयोग और कार्यस्थल पर भेदभाव का सामना भी करना पड़ता है।

एक यूनिवर्सिटी के जेनपैक्ट सेंटर फॉर वूमेंस लीडरशिप द्वारा 'प्रिडिकामेंट ऑफ रिटर्निंग मदर्स' नाम से जारी एक रिपोर्ट में सामने आया है कि मां बनने के बाद महज 27 फीसदी महिलाएं ही अपने कॅरियर को आगे बढ़ा पाती हैं।

कार्यस्थल पर भेदभाव :

कामकाजी महिलाओं की चुनौतियों पर करवाए गए एक अध्ययन के आधार पर रिपोर्ट तैयार हुई है। कॉरपोरेट, मीडिया और विकास क्षेत्र में काम करने वाली शहरी क्षेत्र की महिलाओं को शामिल किया गया था। जिसमें बताया गया है कि भारत में सिर्फ 16 फीसदी महिलाएं ही अपने कॅरियर में सीनियर लीडरशिप की भूमिका प्राप्त कर पाती हैं। रिपोर्ट में कार्यस्थल पर महिला-पुरुष के बीच भेदभाव की बात सामने आई है।

यूनिवर्सिटी की जेनपैक्ट सेंटर फॉर वूमेंस लीडरशिप की निदेशक हरप्रीत कौर ने बताया कि भारत में कार्यस्थल पर पुरुषों के प्रति अधिक झुकाव होता है और महिलाओं के साथ भेदभाव होता है। हालांकि महिलाओं के प्रवेश द्वारा खुले रहते हैं, लेकिन बाहर निकलने के भी रास्ते साथ ही जुड़े रहते हैं। गर्भावस्था, बच्चों का जन्म, बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल, परिवार के समर्थन की कमी और कार्यस्थल का परिवेश आदि कई कारण हैं, जो महिलाओं को बाहर के रास्ते दिखाते हैं और अग्रणी भूमिका निभाने से रोकते हैं।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in


loading...

-------Advertisement--------



-------Advertisement--------