उत्तरप्रदेश: एक जगह ऐसी भी जहां रेलगाड़ी में पढ़ते हैं बच्चे

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/11/03 05:43

पटना। इन दिनों बिहार का सबसे अजीबोगरीब स्कूल चर्चा में बना हुआ है। उत्तरप्रदेश के हापुड़ा बच्चे स्कूल नहीं रेलगाड़ी में पढ़ते हैं। अरे- अरे पढ़ते ही नहीं बल्कि हम तो कहेंगे की वहीं पर खाते पीते और खेलते हैं। चौंक गए ना! जी हां उत्तरप्रदेश के हापुड़ा में एक ऐसा स्कूल है जो रेलगाड़ी की तर्ज़ पर बना हुआ है। जिसमें अक्सर बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ मस्ती करते देखे जा सकते हैं। 

सुनने में आपको पहली बार शायद यकीन न हो, लेकिन ये सच है। सिम्भावली विकास खंड के गांव अट्टा धनावली में बच्चे प्रतिदिन स्कूल आते हैं और रेलगाड़ी जैसे परिसर में बैठकर पढ़ाई करते हैं। स्कूल को ऐसा आकार देने के पीछे बच्चों की ही जिद है। बच्चे अक्सर रेलगाड़ी में बैठने की बातें अपने पेरेंट्स से करते थे। ऐसे में गांव के सरकारी विद्यालय को रंग-रोगन कर उसे रेलगाड़ी का आकार दिया गया।
बतादें ग्राम प्रधान के पति और जिला पंचायत सदस्य के.के. हूण के प्रयासों के कारण सरकारी विद्यालय को आर्कषक बनाया गया है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के सहयोग से उन्होंने स्कूल का सौंदर्यकरण कराया। 

दरअसल, पहले गांव के इस विद्यालय में छात्र संख्या बहुत कम थी। बच्चों को निजी स्कूलों में भेजा रहा था। इस परिस्थिति को बदलने के लिए ग्राम प्रधान माधवी सिंह और उनके पति के.के. हूण ने मिलकर स्कूल के प्रधानाचार्य और ग्रामीणों के साथ बैठक की। बाहर से अनुभवी कलाकार बुलाए। विद्यालय भवन के कमरों को ऐसा लुक दिया कि पूरी स्कूल रेलगाड़ी की तरह दिखाई दे। स्कूल के इस आकर्षक स्वरूप के कारण इस स्कूल में बच्चों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।
 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

जानिए गुलाब के पुष्पों के चमत्कारी उपायों के बारे में | Good Luck Tips

11:00 बजे की सुपर फास्ट खबरें
Big Fight Live | छिटकने लगी \'कलियां\' ! | 12 NOV, 2018
\'Face To Face\' With Divya Dutta, Film Actress and Model | Exclusive Interview
योगी के राम मंदिर बयान पर कांग्रेस का पलटवार
चुनावी नामांकन का क्या महत्व रहता है? किस अंक वाले को किस दिन नामांकन करना शुभ रहेगा?
नीमराणा के डाबड़वास गांव में फूड पॉइजनिंग, मरीजों की तादाद 800 से 1000 के बीच में
न्यायाधीश माथुर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त