एसीबी के हत्थे चढ़ा पूर्व मंत्री का पोता, स्पूफिंग के जरिये अधिकारियों से करता था लाखों की वसूली

Published Date 2017/08/09 04:15,Updated 2017/08/10 08:32, Written by- Ramswaroop Lamror
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जयपुर। पूर्व मंत्री राधेश्याम गंगानगर के पोते साहिल राजपाल को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जयपुर टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी साहिल राजपाल खुद को एसीबी का एडिशनल एसपी शंकरदत्त शर्मा बताकर वसूली करता था। गौरतलब है कि कुछ महीनों पहले एसीबी ने पीएचईडी में भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। उस प्रकरण की जांच एडिशनल एसपी शंकरदत्त शर्मा के पास थी।

आरोपी साहिल राजपाल इंटरनेट सर्वर के जरिये PHED के अधिकारियों और SPML कंपनी के पदाधिकारियों को फोन करके ब्लैकमेल करता था। खुद को एसीबी का अधिकारी बताकर भ्रष्टाचार के प्रकरण को कमजोर करने का झांसा देकर लाखों रुपए की मांग करता था। एसीबी के कार्यवाहक डीजी अलोक त्रिपाठी ने बताया कि इंटरनेट सर्वर के मनचाहे नम्बर शॉ करके बात की जा सकती है। इसमें मोबाइल कंपनी के पास भी कॉल का रिकार्ड नहीं रहता है।

आरोपी एसीबी ऑफिस और एडिशनल एसपी शंकरदत्त शर्मा के मोबाइल नम्बर का दुरुपयोग करते हुए वसूली करता था। यह प्रकरण की शिकायत सीबीआई तक पहुंच गई थी। आलोक त्रिपाठी ने बताया कि शंकरदत्त शर्मा एक ईमानदार ऑफिसर हैं। ऐसे में इस प्रकरण की जांच आईजी सचिन मित्तल को सौंपी गई। 6 महीने की गहन तकनीकी जांच के बाद आरोपी साहिल राजपाल को ट्रेस किया गया।

जांच के दौरान कई देशों से इंटरनेट कॉलिंग के तथ्य जुटाये गये। बाद में आरोपी साहिल राजपाल को जयपुर के जालूपुरा स्थित MLA क्वाटर से गिरफ्तार किया गया। गौरतलब है कि स्पूफिंग का यह पहला प्रकरण है, जिसका जयपुर एसीबी की टीम ने पर्दाफाश किया है। इस मामले की आगे की जांच SP तेजस्वनी गौतम को सौंपी गई है।

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