कोर्ट में वकील ने कहा- नारी नरक का द्वार, न्यायाधीश ने दिखाया बाहर का रास्ता

Published Date 2018/02/06 11:56,Updated 2018/02/06 01:05, Written by- FirstIndia Correspondent

दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट में अपना आपा खोना, रोहिणी में स्थित आश्रम 'आध्यात्मिक विश्वविद्यालय' के अधिवक्ता को महंगा पडा। अधिवक्ता आश्रम में औरतों और लड़कियों को बंधक बना कर रखने पर अपना स्पष्टीकरण दे रहे थे। तभी उन्होंने औरतो के उपर एक ऐसा ब्यान दे दिया, जिससे अदालत का माहैल गर्मा गया।

दरअसल अधिवक्ता ने न्यायालय के प्रश्न के जवाब में शंकराचार्य के कथन का हवाला देते हुए कहा कि नारी नरक का द्वार है। उनके इतना कहते ही नयायधीश ने उन्हें बाहर का नास्ता दिखा दिया। कोर्ट ने अधिवक्ता को भाषा पर नियंत्रण रखने की चेतावनी देते हुए कहा कि बाबा जी यह आपका आधयत्मिक कक्ष नहीं है, बल्कि अदालत है।

गौरतलब है कि आश्रम पर लड़कियों के साथ दुष्कर्म का आरोप है। इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए, दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिसम्बर 2017 में आश्रम की जांच के लिए एक जांच कमेटी गठित की थी। कोर्ट ने यह भी कहा था कि पुलिस उपायुक्त या उससे उच्च पद के अधिकारी से संपूर्ण घटना की जांच कराई जाए। 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Sambandhit khabre

Stories You May be Interested in


loading...

Most Related Stories


-------Advertisement--------



-------Advertisement--------