'कांग्रेस में खुद को घोषित करने वाला न कभी मुख्यमंत्री बना है और न बनेगा'

Dinesh Kumar Dangi Published Date 2018/09/19 09:08

जयपुर। राजस्थान में विधानसभा चुनाव के अखाड़े में भाजपा-कांग्रेस एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए हर दांव आजमा रहे हैं। वहीं कांग्रेस के भीतर सीएम पद को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। इसी बीच पूर्व गृह राज्यमंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा है कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री का चुनाव करने की अपनी एक प्रक्रिया है। कांग्रेस में आज तक खुद को घोषित करने वाला ना कभी मुख्यमंत्री बना है और ना ही भविष्य में बनेगा।

भंवर जितेंद्र ने कहा कि सीएम के पद को लेकर अफवाह और अन्य बातें उड़ाने वाले कुछ तो भाजपा के नेता होते हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी होते हैं जो हमारे नारे लगाने वाले हैं। उन्होंने खुद के मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल होने के सवाल पर कहा कि मैं केवल कांग्रेस का कार्यकर्ता हूं। कांग्रेस ने मुझे बहुत कुछ दिया है। इसी पार्टी ने एमएलए, जिलाध्यक्ष, यूथ कांग्रेस का इंचार्ज, एआईसीसी का महासचिव बनाया है। उन्होंने कहा कि पहली बार जीते एक सांसद को इस पार्टी ने कई विभागो का मंत्री बनाते हुए ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। भंवर जितेंद्र ने कहा कि अब भी पार्टी जो आदेशा देगी, उसे पूरा करूंगा। 

हालांकि, उन्होंने भी अशोक गहलोत की तरह कहा कि मैं राजस्थान का रहने वाला हूं और यहां से कभी दूर नहीं जा सकता। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत हमारे वरिष्ठ नेता हैं। वे राजस्थान की राजनीति को बहुत गहराई से समझते हैं। साथ ही कहा कि पीसीसी चीफ सचिन पायलट दो बार सासंद रहें हैं, मंत्री रहें हैं। चार साल में उन्होंने काफी मेहनत कर पार्टी को प्रदेश में आगे बढ़ाया है। वहीं, सीपी जोशी भी वरिष्ठ नेता हैं। ये सभी मिलकर संकल्प रैलियों में कांग्रेस को चुनाव में जिताने के लिए एकता का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री का चुनाव विधायकों और हाईकमान की ओर से किया जाता है। खुद को घोषित करने वाला ना कभी मुख्यमंत्री बना है और ना ही बनेगा। 

अलवर में मॉब लिंचिंग के मामले में उन्होंने कहा कि अलवर की तीन विधानसभाओं रामगढ़, किशनगढ़बास और तिजारा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भाजपा विधायक बैठे हैं, उनका विकास से कोई मतलब नहीं है। वे जानते हैं कि चुनाव के नजदीक इस तरह का माहौल बनाएंगे तो हम चुनाव जीत जाएंगे। जब लोकसभा का चुनाव आया तो पहलू खां का मामला हो गया। अब विधानसभा चुनाव है तो रकबर का मामला हो गया है। माहौल को खराब करने के लिए इस तरह की चीजें होती रहती हैं, लेकिन ये सब केवल राजनीति से प्रेरित है बाकी किसी का कोई मतलब नहीं है।

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