ठेकेदार के आगे नतमस्तक हुआ जलदाय विभाग और प्रशासन

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/07/12 03:31

रामदेवरा (जैसलमेर)। जनता की गाढ़ी कमाई से सरकारी योजनाओं के कार्य होते है,उसी गाढ़ी कमाई को सरकारी कार्य करवाने में संबंधित अधिकारियों को पारदर्शिता रखनी चाहिये। लेकिन जब ठेकेदार प्रभावशाली हो तो नियमों की पालना अधिकारी किससे करवाए। यही हाल रामदेवरा-सूजासर पेयजल पाइप लाइन बिछाने में इन दिनों हो रहा है। जलदाय विभाग के द्वारा जिस फर्म को ठेका दिया है वो नियमो के परे जाकर पानी की पाइप लाइन को बिछा कर मात्र खानापूर्ति करने में लगे है। 

गौरतलब है कि कस्बे में से होकर गुजर रहे एनएच 11 की सड़क किनारे बिछाई जा रही मीठे पानी की पाइप लाइन को मात्र 2 इंच की खुदाई करके डाला जा रहा है। ऐसे में पानी की पाइप लाइन सड़क के किनारे कैसे सुरक्षित रह सकेंगी। इस पर सवाल उठ रहे है? फर्स्ट इंडिया के संवाददाता को जब इस बारे में जानकारी मिली तो मौके से जलदाय विभाग के अधिकारियों को दूरभाष पर सूचना देकर पूरे मामले से अवगत करवाया गया। इस पर अधिकारियों ने जांच की बात कही और कार्य को रोकने के आदेश के साथ ही कार्रवाई का आश्वासन दिया। 

इस मामले में सबसे गंभीर बात यह है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को सूचना देने के बाद काम तो रोका गया है। लेकिन जलदाय विभाग पर भी सवाल खड़े हो रहे है कि वो कार्य का निरीक्षण क्यों नहीं कर रहे है? इसमें ये भी सवाल उठ रहा है कि  हाईवे की सड़क किनारे जहां दिन-रात वाहनों का आवा गमन होता रहता है। वहां पर सड़क से दो इंच पर पाइप लाइन डालना कहां तक सही है?

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