हिमाचल प्रदेश की महिलाओं में बढ़ रहा स्तन कैंसर

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/07/07 08:11

शिमला। हिमाचल में वैसे तो जानलेवा कैन्सर कई लोगों की जान ले रहा है, लेकिन कैंसर के सबसे बड़े ख़तरे से पहाड़ की शहरी महिलाएं ज्यादा जूझ रही है। हिमाचल में स्तन कैंसर महिलाओं पर ज्यादा भारी पड़ रहा है। यह जानकारी आईजीएमसी रेडियोलोजी विभागाध्यक्ष डॉ संजीव शर्मा ने शिमला में प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि ब्रैस्ट कैंसर का पता पहली स्टेज में चल जाए तो 100 फ़ीसदी ठीक होने की संभावना है। लेकिन यदि कैंसर का पता चौथी स्टेज में चलता है तो ठीक होने की संभावना 20 फ़ीसदी रह जाती है। 

ग्रामीण क्षेत्रों की अपेक्षा शहरी क्षेत्रों की महिलाओं में ब्रैस्ट कैंसर बढने का खतरा ज्यादा रहता है। ब्रैस्ट कैंसर के बारे में आईजीएमसी ग्रामीण स्तर पर भी महिलाओं को जागरुक करने जा रहा है, ताकि कैंसर का पता चल सके और इसका इलाज हो सके। डॉ संजीव शर्मा ने बताया कि प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में ब्रैस्ट कैंसर की जांच की मैमोग्राफी मशीन उपलब्ध है। जिसके तहत वर्ष 2016 में 2357 नए मामले महिलाओं में कैंसर के आए। जिनमें से 201 ब्रैस्ट के मामले पाए गए थे।

इसके अलावा पिछले साल में करीब 160 स्तन कैंसर मामले आए। जिनका सफलता पूर्वक उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा अधिक आयु में शादी करना और नियमित स्तनपान न कर पाना मुख्य कारण है। 40 से 50 साल की महिलाओं में ज्यादा मामले आ रहे है। इसलिए नियमित रूप से मैमोग्राफी करवानी चाहिए।

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