बांसवाड़ा में पालना गृह बने विश्वास का केंद्र,

Published Date 2018/06/23 07:33, Written by- Pawan Tailor

बांसवाड़ा। नवजातों को झाड़ियों, सुनसान जगह फेंकने की घटनाओं के बाद सरकार ने नियमों में संशोधन कर पालना गृह स्थापित किए,जो अब विश्वास का केंद्र बनते जा रहे है। इन पालना गृहों में लावारिस नवजात बच्चे की देखभाल और उनके बारे में जानकारी जुटाई जाती हैं।

गौरतलब है कि पालना गृह में रखे जाने वाले बच्चे के बारे में कोई जानकारी नहीं जुटाई जाती,जबकि लावारिस हालत में मिले बच्चे के बारे में जानकारियां जुटाई जाती है। ऐसे में लोग अब पालना गृह पर विश्वास करते नजर आ रहे है। गत 10 जून को पालना गृह में कोई नवजात छोड़ गया था, इसके 13 दिन बाद एक ओर नवजात को कोई छोड़ गया है। यह नवजात पूरी तरह स्वस्थ है, ऐसे में इसे बच्चे को बाल-कल्याण समिति को सुपुर्द किया जा रहा है।

वहीं चिकित्सक डॉ. रंजन चरपोटा ने बताया कि,"लगभग एक माह पूर्व नियमों में बदलाव हुआ था,इसका असर अब होता दिख रहा है। पहलें मासूमों को कहीं डाल देने से उनकी जान को खतरा बना रहता था और इंसानियत भी शर्मसार होती थी,लेकिन अब हालात बदल रहे है।"बाल कल्याण समिति के सदस्य मधुसुदन व्यास ने बताया कि," समिति नवजात बालक को अपने संरक्षण में ले रही है।"

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