एक माह से पूर्व बिल आने पर उपभोक्ता परेशान

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/06/12 06:09

सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर में विद्युत निगम द्वारा उपभोक्ताओं को एक माह के स्थान पर पन्द्रह से बीस दिन में ही विद्युत खपत के बिल भेजे जा रहे हैं। एक माह से पूर्व बिल आने से उपभोक्ता खासे परेशान है। विद्युत खपत राशि के साथ ही अन्य कर भी बिल में जुड़कर आ रहे हैं। बिजली बिलों में निगम द्वारा स्थाई शुल्क के नाम पर उपभोक्ताओें की जेब काटी जा रही है। जहां विद्युत शुल्क व नगरीय कर बराबर दिनों का वसूल किया जा रहा है। इसके विपरित स्थाई शुल्क लगभग एक माह का अधिक वसूल किया जा रहा है। जिसके कारण आम उपभोक्ता परेशान है।

विद्युत निगम ने पूर्व में कई उपभोक्ताओं को 19 दिन पूर्व स्पॉट बिलिंग की थी। विद्युत कर्मी द्वारा 23 मई को बिल दिया गया था। विभागीय जानकारी के अनुसार पूर्व में उपभोक्ताओं को ढाई माह का बिल दिया गया था। जिसमें विद्युत शुल्क 130 रुपए,  स्थाई शुल्क 532 व नगरीय कर  48.75 रुपए विद्युत खपत राशि में जोड़कर वसूल किए गए थे। अब एक बार फिर 19 दिन बाद 11 जून को निगम की ओर से उपभोक्ताओं को स्पॉट बिलिंग की गई है। उसमें विद्युत खपत राशि के अलावा 51.60 रुपए विद्युत शुल्क, 124 रुपए स्थाई शुल्क व 19.32 रुपए नगरीय कर जोड़कर भेजा गया है। ओर उपभोक्ता विद्युत विभाग के इन आंकड़ों के जाल में फस कर रह गया । विधुत विभाग के अधिकारियों की मनमर्जी के आगे आम उपभोगता परेशान है 

विद्युत निगम द्वारा हाल ही में एक उपभोक्ता को 19 दिन में स्पॉट बिलिंग की गई। ऐसे कई उपभोक्ता है जिन्हें 19 दिन में निगम द्वारा बिल दिए हैं। बिल का आंकलन करने पर पता चलता है कि 19 दिन के बिल में निगम द्वारा 51.60 रुपए विद्युत शुल्क, 124 रुपए स्थाई शुल्क व 19.32 रुपए नगरीय कर वसूला गया है। यानि 2.72 रुपए प्रतिदिन विद्युत शुल्क, 6.53 रुपए स्थाई शुल्क व 1.01 रुपए नगरीय कर वसूल किया गया है। अब इन प्रतिदिन के आंकड़ों से 23 मई को निगम द्वारा जारी किए गए विद्युत बिल में वसूल किए गए उक्त करों से जांच की तो पाय कि 47 दिन का विद्युत शुल्क, 81 दिन का स्थाई शुल्क व 48 दिन का नगरीय कर उपभोक्ता से वसूल किया गया थ।
अब 19 दिन पूर्व एक उपभोक्ता को दिए गए बिल में विद्युत शुल्क,स्थाई शुल्क व नगरीय कर की जांच करते हैं तो विद्युत निगम ने विद्युत खपत राशि में जोड़कर 130 रुपए विद्युत शुल्क, 532 रुपए स्थाई शुल्क व 48.75 रुपए नगरीय कर उपभौक्ता से वसूल किया। प्रतिदिन के कर से इनका आंकलन करने पर पाया कि निगम द्वारा उपभोक्ता से 47 दिन का विद्युत शुल्क, 81 दिन का स्थाई शुल्क व 48 दिन का नगरीय कर वसूल किया गया है। अब यह समझ से परे है कि आखिरकार विद्युत निगम ने पूर्व में उपभोक्ता से कितने दिन के कर वसूल किए गए हैं। 19 दिन के बिल में भेजे गए कर से आंकलन करने पर पाया कि विद्युत शुल्क व नगरीय कर लगभग 48 दिन का वसूल किया गया, लेकिन स्थाई शुल्क 81 दिन का लिया गया। इससे साफ जाहिर होता है कि विद्युत निगम स्थाई शुल्क के नाम पर उपभोक्ता की जेब काट रहा है और गरीब उपभोक्ता राजी या बेराजी अपनी जेब कटाने पर मजबूर हैं।
मामले को लेकर विद्युत निगम अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में लगभग ढाई माह का विद्युत बिल उपभोक्ताओं को भेजा गया था। अब निगम ने मासिक स्पॉट बिलिंग व्यवस्था शुरु की है। इस कार्य के रुटीन के चलते उपभोक्ता को माह से कम के बिल दिए गए हैं। बिल में कर राशि प्रतिदिन के हिसाब से जोड़कर दी गई है। इसके बाद जल्द ही मासिक स्पॉट बिलिंग शुरु हो जाएगी। मगर आम उपभोक्ता 19 दिन के बिल को लेकर परेशान है , और अपने आप को ठगा सा महशुस कर रहा है । 
 

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