14 सितम्बर को ही क्यों मनाया जाता है 'हिन्दी दिवस', क्या है 'हिन्दी दिवस' का महत्व

FirstIndia Correspondent Published Date 2017/09/14 10:22

केंद्र सरकार ने हिंदी को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। तकरीबन सभी मंत्रालयों में हिंदी को ज्यादा से ज्यादा अपनाने को कहा गया है। सरकार इस बात पर ज्यादा जोर दे रही है। सभी मंत्रालयों में दैनिक कामकाज और आम बोलचाल की भाषा हिंदी ही हो, सरकार के इस फरमान का सकारात्मक असर भी देखने को मिल रहा है। भारत हर साल 14 सितम्बर को 'हिंदी दिवस' के रूप में मनाता है| लेकिन ऐसा क्यों है और ये कैसे शुरू हुआ, आइये जानते है|

हिंदी दिवस मनाने के पीछे यह वजह है क्योंकि भारत में सैकड़ों भाषाएं और बोलियां बोली जाती है। 6 दिसंबर 1946 में आजाद भारत का संविधान तैयार करने के लिए संविधान का गठन हुआ। संविधान सभा ने अपना 26 नवंबर 1949 को संविधान के अंतिम प्रारूप को मंजूरी दे दी। आजाद भारत का अपना संविधान 26 जनवरी 1950 से पूरे देश में लागू हुआ।

लेकिन भारत की कौन सी राष्ट्रभाषा चुनी जाएगी ये मुद्दा काफी अहम था। काफी सोच विचार के बाद हिंदी और अंग्रेजी को नए राष्ट्र की भाषा चुना गया। संविधान सभा ने देवनागरी लिपी में लिखी हिंदी को अंग्रजों के साथ राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के तौर पर स्वीकार किया था। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से निर्णय लिया कि हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी।

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