भंवर जितेन्द्र सिंह ने क्यों किया चुनाव लड़ने से इन्कार :
कर्णसिंह यादव के प्रत्याशी घोषित करते ही भंवर जितेन्द्र सिंह के चुनाव नहीं लड़ने को लेकर तरह तरह की चर्चाएं शुरु हो गई है। जितेन्द्र सिंह अध्यक्ष राहुल गांधी के बेहद करीबी हैं। ऐसे में उनके टिकट कटने का तो सवाल ही नहीं उठता। बैठक में जितेन्द्र सिंह ने खुद राहुल गांधी का फैसला बताते हुए कर्णसिंह को विजयी बनाने की बात कही। जितेन्द्र सिंह के बयानों से साफ हो गया है कि उन्होंने राहुल गांधी से मिलकर चुनाव नहीं लड़ने की बात कही। अब जितेन्द्र सिंह के कांग्रेस में राष्ट्रीय महासचिव बनने की पूरी संभावना है।

भाजपा बदल सकती है अपनी रणनीति :
कांग्रेस ने भाजपा से पहले प्रत्याशी घोषित करके औऱ यादव कार्ड खेलते हुए मजबूत रणनीति से चुनाव लड़ने के लिए संकेत दे दिए हैं। भाजपा से अब तक माना जा रहा था कि मंत्री जसवंत सिंह यादव को चुनाव लड़ने का इशारा किया जा चुका है, लेकिन कांग्रेस से यादव प्रत्याशी घोषित होने पर भाजपा अब प्रत्याशी दूसरी जाति का उतारने पर विचार कर रही है। ऐसे में लड़ाई यादव वर्सेज यादव प्रत्याशियों के बीच होगी या फिर यादव या गैर यादव के बीच होगी। इसका पता तो भाजपा प्रत्याशी घोषित करने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। भाजपा से जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव, बालकनाथ, विधायक ज्ञानचंद आहूजा, रोहिताश शर्मा और संजय शर्मा जैसे प्रत्याशी टिकट मांग रहे हैं।

अजमेर-मांडलगढ़ से अभी नहीं होंगे प्रत्याशी घोषित :
हालांकि कांग्रेस ने अभी तक हॉट सीट अजेमर से प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। ऐसे में पीसीसी चीफ सचिन पायलट खुद लड़ेंगे या नहीं लड़ेंगे इस पर सस्पेंस बरकरार है। वहीं मांडलगढ़ से भी प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा के उम्मीदवार की घोषणा के बाद ही कांग्रेस अजमेर और मांडलगढ़ पर प्रत्याशी घोषित करेगी।

उपचुनाव तारीख से पहले ही प्रत्याशी की घोषणा :
जितेन्द्र सिंह के चुनाव नहीं लड़ने पर यह तय था कि फिर कर्ण सिंह ही प्रत्याशी होंगे। ऐसे में उनकी घोषणा से कोई चौंकाने वाली बात नहीं है, लेकिन हैरानी की बात है कि उपचुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले ही कांग्रेस ने प्रत्याशी मैदान में उतार दिया। इसको लेकर सियासी और ब्यूरोक्रेट्स गलियारों में खूब चर्चा हो रही है।

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अलवर लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने खेला यादव कार्ड, डॉ. कर्णसिंह यादव होंगे प्रत्याशी

Published Date 2017/12/25 12:16, Written by- Dinesh Kumar Dangi

जयपुर। कांग्रेस ने अलवर लोकसभा उपचुनाव के लिए प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने पूर्व सांसद और पूर्व विधायक कर्णसिंह यादव को प्रत्याशी घोषित किया है। दिल्ली में 15 रकाबगंज रोड पर हुई बैठक में यादव के नाम पर मोहर लगाई गई। बैठक में खुद अलवर के पूर्व सांसद और दावेदार भंवर जितेन्द्र सिंह ने कर्ण सिंह यादव की उम्मीदवारी का प्रस्ताव रखा, जिस पर पीसीसी चीफ सचिन पायलट, प्रभारी अविनाश पांडेय और सहप्रभारी देवेन्द्र यादव ने हरी झंडी दे दी। 71 वर्षीय यादव पेशे से चिकित्सक हैं और एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक भी रहे हैं। साथ ही कर्णसिंह बहरोड़ से दो बार विधायक रहे हैं और एक बार अलवर से सांसद भी रहे हैं।

अलवर में है यादव वोट निर्णायक :
कांग्रेस ने जातिगत और सियासी समीकरणों को देखते हुए कर्ण सिंह यादव को प्रत्याशी बनाया है। अलवर लोकसभा सीट पर सबसे ज्यादा वोट बैंक है। यादव वोट बैंक की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 16 लोकसभा चुनाव में यादव समाज से 8 नेता सांसद रहे हैं। कांग्रेस को यादव और मेव वोट बैंक के भरोसे जीत की पूरी उम्मीदें हैं।

भंवर जितेन्द्र सिंह ने क्यों किया चुनाव लड़ने से इन्कार :
कर्णसिंह यादव के प्रत्याशी घोषित करते ही भंवर जितेन्द्र सिंह के चुनाव नहीं लड़ने को लेकर तरह तरह की चर्चाएं शुरु हो गई है। जितेन्द्र सिंह अध्यक्ष राहुल गांधी के बेहद करीबी हैं। ऐसे में उनके टिकट कटने का तो सवाल ही नहीं उठता। बैठक में जितेन्द्र सिंह ने खुद राहुल गांधी का फैसला बताते हुए कर्णसिंह को विजयी बनाने की बात कही। जितेन्द्र सिंह के बयानों से साफ हो गया है कि उन्होंने राहुल गांधी से मिलकर चुनाव नहीं लड़ने की बात कही। अब जितेन्द्र सिंह के कांग्रेस में राष्ट्रीय महासचिव बनने की पूरी संभावना है।

भाजपा बदल सकती है अपनी रणनीति :
कांग्रेस ने भाजपा से पहले प्रत्याशी घोषित करके औऱ यादव कार्ड खेलते हुए मजबूत रणनीति से चुनाव लड़ने के लिए संकेत दे दिए हैं। भाजपा से अब तक माना जा रहा था कि मंत्री जसवंत सिंह यादव को चुनाव लड़ने का इशारा किया जा चुका है, लेकिन कांग्रेस से यादव प्रत्याशी घोषित होने पर भाजपा अब प्रत्याशी दूसरी जाति का उतारने पर विचार कर रही है। ऐसे में लड़ाई यादव वर्सेज यादव प्रत्याशियों के बीच होगी या फिर यादव या गैर यादव के बीच होगी। इसका पता तो भाजपा प्रत्याशी घोषित करने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। भाजपा से जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव, बालकनाथ, विधायक ज्ञानचंद आहूजा, रोहिताश शर्मा और संजय शर्मा जैसे प्रत्याशी टिकट मांग रहे हैं।

अजमेर-मांडलगढ़ से अभी नहीं होंगे प्रत्याशी घोषित :
हालांकि कांग्रेस ने अभी तक हॉट सीट अजेमर से प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। ऐसे में पीसीसी चीफ सचिन पायलट खुद लड़ेंगे या नहीं लड़ेंगे इस पर सस्पेंस बरकरार है। वहीं मांडलगढ़ से भी प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा के उम्मीदवार की घोषणा के बाद ही कांग्रेस अजमेर और मांडलगढ़ पर प्रत्याशी घोषित करेगी।

उपचुनाव तारीख से पहले ही प्रत्याशी की घोषणा :
जितेन्द्र सिंह के चुनाव नहीं लड़ने पर यह तय था कि फिर कर्ण सिंह ही प्रत्याशी होंगे। ऐसे में उनकी घोषणा से कोई चौंकाने वाली बात नहीं है, लेकिन हैरानी की बात है कि उपचुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले ही कांग्रेस ने प्रत्याशी मैदान में उतार दिया। इसको लेकर सियासी और ब्यूरोक्रेट्स गलियारों में खूब चर्चा हो रही है।

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