कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 60 लोगों का पहला जत्‍था रवाना

Published Date 2018/06/11 04:55, Written by- FirstIndia Correspondent

नई दिल्ली। भारतीय विदेश मंत्रालय हर साल जून से सितंबर माह के दौरान कैलाश यात्रा का आयोजन करता है। कैलाश मानसरोवर की यात्रा अपने धार्मिक मूल्यों और सांस्कृतिक महत्व के कारण जानी जाती है। हर साल सैकड़ों यात्री इस तीर्थ यात्रा पर जाते हैं। यह यात्रा दो अलग अलग रास्तों से होकर गुजरती है। 

राज्यमंत्री वीके सिंह ने आज कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 60 लोगों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वीके सिंह ने उम्मीद जताई है कि  भक्त हिमालय के इस दुर्गम सफर को आसानी से पूरा कर लेंगे। उन्होंने तीर्थयात्रियों को शारीरिक रूप से फिट रहने और प्रकृति से तालमेल बनाने की सलाह दी। भगवान शिव के निवास के रूप में हिन्दुओं के लिए महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ यह जैन और बौद्ध धर्म के लोगों के लिए भी धार्मिक महत्व रखता है। 

आपको बता दें की कैलाश मानसरोवर यात्रा दो अलग अलग रास्तों लिपुलेख दर्रा उत्तराखण्ड और नाथु-ला दर्रा सिक्किम से होकर निकलती है। इस साल कुल 3734 आवेदन मिले थे जिनमें ड्रॉ के जरिए 1500 का यात्रा के लिए चयन किया गया है। आज रवाना हुआ पहला जत्था उत्तराखंड और तिब्बत के बीच स्थित लिपुलेख से होता हुआ मानसरोवर पहुंचेगा। इस बार 50-50 तीर्थयात्रियों के 10 जत्थे नाथु ला सिक्कम से होकर चीन के रास्ते जाएंगे और बाकी सभी लिपुलेख के रास्ते कैलाश मानसरोवर पहुंचेंगे।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in


loading...

-------Advertisement--------



-------Advertisement--------