मुंबई हमले के मास्टरमाइंड को मारने की फिराक में विदेशी खुफिया एजेंसी, दी 8 करोड़ की सुपारी

FirstIndia Correspondent Published Date 2017/11/12 10:40

नई दिल्ली| मुंबई हमले के मास्टरमाइंड मोहम्मद हाफिज को 'विदेशी जासूसी एजेंसी' ने जान से मारने की योजना बनाई है| बता दें कि पाकिस्तान ने यह दवा किया है कि मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड को विदेशी खुफिया एजेंसिया मरवाना चाहती हैं।पाकिस्तानी अधिकारियों ने पंजाब के गृह विभाग को लिखी चिट्ठी में यह आशंका जताते हुए उसे कड़ी सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है|

पाकिस्तान की राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक प्राधिकरण ने इस चिट्ठी में लिखा है कि एक विदेशी जासूसी एजेंसी ने सईद की हत्या के लिए एक प्रतिबंधित संगठन के दो सदस्यों को आठ करोड़ रुपये दिए है| इस चिट्ठी में पंजाब के गृह विभाग से कहा गया है कि वह जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करे|

आपको बता दें कि आतंकी सरगना हाफिज सईद आतंकवाद निरोधक कानून, 1997 के तहत 30 जनवरी से लाहौर स्थित अपने घर में नजरबंद है| गृह विभाग ने पिछले महीने जनसुरक्षा कानून के तहत उसकी नजरबंदी 30 दिन (26 नवंबर तक) के लिए बढ़ा दी थी| वहीं हाफिज सईद के साथ ऐहतियाती हिरासत में लिए गए उसके चार सहयोगियों को पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने रिहा कर दिया है| न्यायिक समीक्षा ने अब्दुल्ला उबैद, मलिक जफर इकबाल, अब्दुल रहमान आबिद और काजी काशिफ हुसैन की हिरासत बढ़ाने से इनकार कर दिया था|
 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

जानिए गुलाब के पुष्पों के चमत्कारी उपायों के बारे में | Good Luck Tips

11:00 बजे की सुपर फास्ट खबरें
Big Fight Live | छिटकने लगी \'कलियां\' ! | 12 NOV, 2018
\'Face To Face\' With Divya Dutta, Film Actress and Model | Exclusive Interview
योगी के राम मंदिर बयान पर कांग्रेस का पलटवार
चुनावी नामांकन का क्या महत्व रहता है? किस अंक वाले को किस दिन नामांकन करना शुभ रहेगा?
नीमराणा के डाबड़वास गांव में फूड पॉइजनिंग, मरीजों की तादाद 800 से 1000 के बीच में
न्यायाधीश माथुर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त